आजमगढ़ः बेटे ने किया चौंकाने वाला खुलासा, इसलिए की थी पिता की हत्या
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एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी त्रिलोकी यादव महराजगंज थाना क्षेत्र के सैदपुर गांव का निवासी है। पुलिस ने गिरफ्तार त्रिलोकी का चालान कर दिया।
एसपी ने बताया कि सैदपुर गांव निवासी लालजी यादव सिपाही था। वह वर्ष 2014 में गोरखपुर जिले से दीवान के पद से रिटायर हुआ था। वह तीन बेटे और तीन बेटियों का पिता था। वह रिटायर होने के बाद महराजगंज कस्बे के सहदेवगंज मोड़ पर स्थित किराए के कमरा में रहता था।
15 मई की रात लालजी के सिर पर कुदाल और धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। इस दौरान मकान मालिक के बेटे मुबारक ने घटना के संबंध में त्रिलोकी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
तभी से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। शुक्रवार को मुखबिर के जरिए सूचना मिलने पर पुलिस ने शुक्रवार को शिवपुर मोड़ से त्रिलोकी को गिरफ्तार कर लिया।
उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुदाल और हंसिया बरामद कर ली गई। खुलासा करने वाली पुलिस टीम को डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र विजय भूषण की तरफ से दस हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई।
आरोपी बेटे को इस बात का था शक
वह अपने पिता को साथ लेकर घर रहना चाहता था। इसलिए अपनी मां को लेकर उनके कमरे पर गया और लगातार दस दिनों तक उन्हें समझाता रहा। इसके अलावा वह अपना हक न मिलने से वह बहुत गुस्से में था। जो हत्या का कारण बना।
आरोपी त्रिलोकी यादव ने कहा कि 15 मई को जब उसके पिता लालजी यादव घर पर साथ चलने के लिए राजी नहीं हुए तो अपनी मां प्रभावती देवी को ननिहाल पहुंचाकर पिता के कमरे पर लौट आया।
भोजन करने के बाद रात करीब दस बजे सो गया, लेकिन उसके पिता सुबह तक अंजाम चखाने की धमकी देते हुए इधर-उधर टहल रहे थे। उनकी निगाह बार-बार रखी गई कुदाल पर जा रही थी।
इससे बेटे त्रिलोकी को शक हुआ कि कहीं वह कुदाल से सोते समय उसकी हत्या न कर दें। इसी को ध्यान में रखते हुए वह पिता से पहले ही उनके ऊपर हमला बोल उसकी हत्या कर दी।