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'काशी में घर-घर मोदी, ममता की नहीं बचेगी जमानत'
Sat, 03 Apr 2021 05:30 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Sat, 03 Apr 2021 05:30 PM IST
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ममता बनर्जी और नरेंद्र मोदी
- फोटो : पीटीआई
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पश्चिम बंगाल के चुनावी सरगर्मी के बीच अब बनारस का सियासी तापमान बढ़ने लगा है। तृणमूल कांग्रेस की ओर से वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किए गए ट्वीट के बाद भाजपा नेताओं ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। भाजपा नेताओं का कहना है कि वर्ष 2014 में कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बनारस से भाग्य आजमाने की कोशिश की थी, मगर काशी की जनता ने उन्हें हकीकत से रुबरू करा दिया था।
काशी के घर घर में मोदी हैं और अगर ममता बनारस से चुनाव लड़ीं तो उनकी जमानत जब्त होनी तय है। प्रबुद्ध लोगों के शहर काशी ने पीएम मोदी को अपना बेटा बनाया है। अब बनारस और मोदी एक दूसरे के साथ खड़े रहेंगे।- सुरेंद्र नारायण सिंह, विधायक रोहनिया
पश्चिम बंगाल में हार देखकर तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी बौखलाई हुई हैं। पहले भी बहुत लोग मैदान में उतर कर लौट चुके हैं। प्रधानमंत्री की छवि वैश्विक है और विपक्ष का कोई नेता उनके सामने खड़ा नहीं हो सकता है।- लक्ष्मण आचार्य, उप नेता, विधान परिषद
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दीदी फिलहाल अपनी चिंता करें। उनसे बंगाल संभल नहीं पाया और वे बात बनारस की कर रही हैं। उन्हें काशी में सन्यास के बारे में सोचना चाहिए।
मीना चौबे, प्रदेश मंत्री, भाजपा
टीएमसी और उसके नेता अब बंगाल से विदाई के बाद ख्याली पुलाव पका रहे हैं। दीदी को बनारस में पैर रखने की भी जगह नहीं मिलेगी।
विद्या सागर राय, महानगर अध्यक्ष, भाजपा
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काशी के घर घर में मोदी हैं और अगर ममता बनारस से चुनाव लड़ीं तो उनकी जमानत जब्त होनी तय है। प्रबुद्ध लोगों के शहर काशी ने पीएम मोदी को अपना बेटा बनाया है। अब बनारस और मोदी एक दूसरे के साथ खड़े रहेंगे।- सुरेंद्र नारायण सिंह, विधायक रोहनिया
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पश्चिम बंगाल में हार देखकर तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी बौखलाई हुई हैं। पहले भी बहुत लोग मैदान में उतर कर लौट चुके हैं। प्रधानमंत्री की छवि वैश्विक है और विपक्ष का कोई नेता उनके सामने खड़ा नहीं हो सकता है।- लक्ष्मण आचार्य, उप नेता, विधान परिषद
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दीदी फिलहाल अपनी चिंता करें। उनसे बंगाल संभल नहीं पाया और वे बात बनारस की कर रही हैं। उन्हें काशी में सन्यास के बारे में सोचना चाहिए।
मीना चौबे, प्रदेश मंत्री, भाजपा
टीएमसी और उसके नेता अब बंगाल से विदाई के बाद ख्याली पुलाव पका रहे हैं। दीदी को बनारस में पैर रखने की भी जगह नहीं मिलेगी।
विद्या सागर राय, महानगर अध्यक्ष, भाजपा