'काशी हमार हाै हम काशी क हई...': PM मोदी ने भोजपुरी में दिया भाषण, बोले- अब लोगन के जीवन राहत में हाै
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस के मेंहदीगंज में आयोजित जनसभा को संबाेधित किया। उन्होंने जब भोजपुरी में भाषण शुरू किया तो जनता ने उन्हें काफी भाव के साथ सुना। पीएम ने कहा कि काशी का नाम अब विश्वपटल पर हो रहा है।
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PM Modi in Varanasi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी में बोलें और खुद को बनारस के आम आदमी की समस्याओं से न जोड़ें ऐसा नहीं होता है। शुक्रवार की जनसभा में भी उन्होंने औसतन हर पांच मिनट में भोजपुरी में बात की। काशी के मोहल्ले, गलियों का जिक्र कर खुद को लोगों से जोड़ा।
वहीं, पूर्वांचल के जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, मऊ के लोगों की समस्याएं भी गिनाईं। बताया कि कैसे इन जिले के लोगों को बनारस एयरपोर्ट आने में दिक्कत होती थी। मुझे सब जानकारी है, इसीलिए अब सड़कें चौड़ी करा दी हैं। पीएम ने जिले के अलग-अलग क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का जिक्र भी किया।
प्रधानमंत्री ने संबोधन शुरू करते ही कहा कि काशी के हमरे परिवार के लोगन के हमार प्रणाम। आप सब लोग यहां हमें आपन आशीर्वाद देला। हम ए प्रेम क कर्जदार हई। काशी हमार हौ, हम काशी क हई। करीब 35 मिनट के भाषण में वह औसतन पांच मिनट पर भोजपुरी भाषा में ही लाइनें बोलते रहे।
संकटमोचन मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि कल हनुमान जन्मोत्सव का पावन दिन है। आज मुझे संकट मोचन महाराज की काशी में आपके दर्शन का सौभाग्य मिला है। हनुमान जन्मोत्सव से पहले, काशी की जनता आज विकास का उत्सव मनाने यहां इकट्ठी हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हर दिन लाखों लोग बनारस आते हैं। बाबा विश्वनाथ के दर्शन करते हैं। मां गंगा में स्नान करते हैं। हर यात्री कहता है। बनारस, बहुत बदल गया है। कल्पना कीजिए। अगर काशी की सड़कें, यहां की रेल और एयरपोर्ट की स्थिति 10 साल पहले जैसी ही रहती तो, काशी की हालत कितनी खराब हो गई होती। पहले तो छोटे-छोटे त्योहारों के दौरान भी जाम लग जाता था। जैसे किसी को चुनार से आना हो और शिवपुर जाना हो। पहले उसको पूरा बनारस घूम कर, जाम में फंसकर, धूल-धूप में तपकर जाना पड़ता था। अब फुलवरिया क फ्लाईओवर बन गइल हो। अब रास्ता भी छोटा, समय भी बचत हो, जीवन भी राहत में हौ! ऐसे ही जौनपुर और गाजीपुर के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आने-जाने में और बलिया, मऊ, गाजीपुर जिलों के लोगों को एयरपोर्ट जाने के लिए वाराणसी शहर के भीतर से जाना होता था। घंटों लोग जाम में फंसे रहते थे।
अब रिंग रोड से कुछ ही मिनट में, लोग इस पार से उस पार पहुंच जाते हैं। केहू के गाजीपुर जाए के हौ त पहिले कई घंटा लगत रहल। अब गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, आजमगढ़ हर शहर में जाने का रास्ता, पहुंचने का रास्ता चौड़ा हो गया है। भदोही, गाजीपुर और जौनपुर के रास्तों से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम शुरु हुआ है।
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काशी के हर मोहल्ले में एक अलग संस्कृति, हर गली में भारत का एक अलग रंग दिखता है। मुझे खुशी है कि काशी-तमिल संगमम् जैसे आयोजन से, एकता के ये सूत्र निरंतर मजबूत हो रहे हैं। अब तो यहां एकता मॉल भी बनने जा रहा है। इस एकता मॉल में भारत की विविधता के दर्शन होंगे। भारत के अलग-अलग जिलों के उत्पाद, यहां एक ही छत के नीचे मिलेंगे।