वाराणसी में पीएम मोदी: 'नमो' को सुनने को जुटी भारी भीड़, जनसभा स्थल पर पधारे 'हनुमान'
करीब तीन महीने बाद अपने संसदीय क्षेत्र की जनता से रूबरू हो रहे प्रधानमंत्री अपने साथ पांच हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की सौगात भी लेकर आ रहे हैं। रिंगरोड किनारे मेहंदीगंज में जनसभा को संबोधित करेंगे।
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दूसरे जिलों भी से लगातार बस भरकर समर्थकों को आने का सिलसिला जारी था तो सड़कों पर गांव देहात से भी आते हुए लोग नजर आ रहे थे। अपने नेता को सुनने के लिए लोग कई किमी की दूरी तय कर रैली स्थल पर आए थे। पैदल, दो पहिया, चार पहिया यानि हर वाहन बस एक ही ओर चला जा रहा था। सभा स्थल पर भारी सुरक्षा व्यवस्था थी।
हाथ में गदा और गले में प्रधानमंत्री की फोटो लटकाए श्रवण भी रैली में पहुंचे थे। बिहार के बेगूसराय निवासी श्रवण शाह पीएम मोदी के फैन हैं। भाजपा को मानते हैं और हनुमान जी के भक्त हैं। इसीलिए जहां भी प्रधानमंत्री की रैली होती है वहां हनुमान बन कर पहुंच जाते हैं। वाराणसी में पहले भी वो रैली में दिख चुके हैं। आज मेहंदीगंज में पहुंचने पर सुरक्षाकर्मियों व बम निरोधक दस्ता कर्मियों ने श्रवण से पूछताछ की। श्रवण शाह पूरे पंडाल में घूम-घूम कर जय श्री राम का उद्घोष करते रहे।
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पूर्वांचल को साधने के लिए पीएम मोदी का यह दौरा काफी अहम
पीएम की सभी में भीड़ जुटाने के लिए भाजपा के कार्यकर्ता से लेकर बड़े नेता और पदाधिकारियों ने पूरी ताकत झोंकी थी, जिसका परिणाम दिखा। करीब तीन महीने बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी की जनता से रूबरू हुए।
चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री ने अपने भाषण से विधानसभा चुनाव का एजेंडा सेट कर दिया। पीएम मोदी का वाराणसी का हर दौरा किसी न किसी रूप में खास रहा है। चुनावी दौरे के अलावा पीएम के कई दौरे ऐसे रहे जिसमें उन्होंने अपनी काशी को योजनाओं की वह सौगात दी।
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काशी से संदेश देना चाहते हैं पीएम मोदी
कोरोना की पहली और दूसरी लहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी ने पूरे देश में सेवा की मिसाल पेश की। इसके बाद इस महामारी पर काबू में भी वाराणसी मॉडल पूरे देश में चर्चा का विषय रहा। काशी के सेवाभाव और जिजीविषा को ध्यान में रखते हुए ही देशभर के लिए शुरू होने वाली आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना का केंद्र यहां रखा गया है।
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस दौरे को राजनीतिक समीकरणों की नजर से भी देखा जा रहा है। विपक्ष की बढ़ती सक्रियता के बीच पूर्वांचल को साधने के लिए पीएम मोदी का यह दौरा भाजपा के लिए भी काफी अहम साबित हो रहा है।