श्री गवरजा माता उत्सव समिति के वार्षिकोत्सव में बृहस्पतिवार को राजस्थानी रंगों में शृंगार और वीर रस की झलक निखर उठी। महमूरगंज स्थित लान में देर शाम को आयोजित सिंधारा कार्यक्रम में मारवाड़ी माहेश्वरी, मारवाड़ी ब्राह्मण, जैन, खंडेलवाल तथा क्षत्रिय समाज की महिलाएं पूरी तरह से राजस्थानी संस्कृति में नजर आईं।
बृहस्पतिवार को सर्वप्रथम संस्था के अध्यक्ष पवन कुमार अग्रवाल, मंत्री अजय खेमका, संरक्षक वीरेंद्र भुरारिया व प्रमोद कुमार बजाज ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद मां गवरजा तथा विघ्न हरण विनायक जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्जित की गई। विघ्न हरण विनायक जी की स्तुति के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस दौरान मां गणगौर के गीत की मनोहारी प्रस्तुति हुई। समाज के लोगों ने जहां गवरजा माता से सिंदूर खेला वहीं राधा कृष्ण की प्रेममय झांकी की प्रस्तुति ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही शिव पार्वती, मां गंगा के माध्यम से नारी के महत्व को दिखाने का प्रयास हुआ। संचालन रितु धूत, स्मिता लोहिया प्रीति तथा मनीषा अग्रवाल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रचार मंत्री गौरव राठी ने किया। इस दौरान अनूप सर्राफ, शंकर लाल सोमानी, नेहा गिनोडिया, गुंजन जालान, मनीषा धनानी, ममता मूंदड़ा, गुंजन जालान, संजीव कुमार शाह, रश्मि डिडवानिया, स्नेहा मुंडला, कविता आदि मौजूद रहीं।