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पितृपक्ष में खरीदारी के लिए सर्वार्थसिद्धि सहित पांच शुभयोग
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वाराणसी। पितृपक्ष में खरीदारी करने के लिए सर्वार्थसिद्धि सहित पांच शुभ योग मिल रहे हैं। श्राद्ध पक्ष मृत्यु या शोक से जुड़ा समय नहीं है। इस दौरान खरीदारी करने के लिए किसी भी ग्रंथ में मनाही नहीं है। ज्योतिष के मुहूर्त चिंतामणि ग्रंथ में कहा गया है कि खरीदारी पूरे साल की जा सकती है।
ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र का कहना है कि श्राद्ध पक्ष में खरीदारी करना अशुभ नहीं होता है। इन दिनों में पितरों की पूजा करना शुभ बताया गया है। नई चीजें खरीदने और सुख बढ़ने से पितृ देवता कभी नाराज नहीं होते। बल्कि पितरों के प्रसन्न होने से ही घर में समृद्धि आती है। इसलिए श्राद्ध में खरीदारी की जा सकती है। कई लोगों का मानना है कि श्राद्ध पक्ष में कपड़े, घर, गाड़ी आदि की खरीदारी करने से दोष लगता है या पितृ देव नाराज हो जाएंगे। शास्त्रों के मुताबिक ये बातें आधारहीन है।
गलत कामों से बचें, न कि शुभ और पवित्र कार्यों से
श्राद्धपक्ष पूजा-पाठ, दान और नियम-संयम से रहने का समय होता है। श्राद्ध के दिनों में हर तरह के गलत कामों से बचना चाहिए न कि शुभ और पवित्र कामों से। इसलिए इन 16 दिनों में खरीदारी की जा सकती है। किसी भी ग्रंथ में इस बात का जिक्र नहीं है कि श्राद्ध पक्ष में खरीदारी नहीं करनी चाहिए। पुराणों और स्मृति ग्रंथों में सिर्फ पितरों के लिए श्राद्ध की बात कही गई है। सिर्फ मृत्यु सूतक में ही शुभ कामों के लिए खरीदारी नहीं की जा सकती। इसके अलावा मांगलिक कामों की खरीदारी कभी भी की जा सकती है।
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खरीदारी के लिए यह शुभ मुहूर्त
श्राद्ध पक्ष में खरीदारी करने के लिए सर्वार्थसिद्धि मुहूर्त 4, 6 और 8 को था अब 9, 13, 14 और 15 सितंबर को ये शुभ मुहूर्त हैं। इसके साथ ही त्रिपुष्कर योग 8 सितंबर को है। रवि पुष्य योग 13 सितंबर को एवं 2 रवियोग पड़ रहे हैं।
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ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र का कहना है कि श्राद्ध पक्ष में खरीदारी करना अशुभ नहीं होता है। इन दिनों में पितरों की पूजा करना शुभ बताया गया है। नई चीजें खरीदने और सुख बढ़ने से पितृ देवता कभी नाराज नहीं होते। बल्कि पितरों के प्रसन्न होने से ही घर में समृद्धि आती है। इसलिए श्राद्ध में खरीदारी की जा सकती है। कई लोगों का मानना है कि श्राद्ध पक्ष में कपड़े, घर, गाड़ी आदि की खरीदारी करने से दोष लगता है या पितृ देव नाराज हो जाएंगे। शास्त्रों के मुताबिक ये बातें आधारहीन है।
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गलत कामों से बचें, न कि शुभ और पवित्र कार्यों से
श्राद्धपक्ष पूजा-पाठ, दान और नियम-संयम से रहने का समय होता है। श्राद्ध के दिनों में हर तरह के गलत कामों से बचना चाहिए न कि शुभ और पवित्र कामों से। इसलिए इन 16 दिनों में खरीदारी की जा सकती है। किसी भी ग्रंथ में इस बात का जिक्र नहीं है कि श्राद्ध पक्ष में खरीदारी नहीं करनी चाहिए। पुराणों और स्मृति ग्रंथों में सिर्फ पितरों के लिए श्राद्ध की बात कही गई है। सिर्फ मृत्यु सूतक में ही शुभ कामों के लिए खरीदारी नहीं की जा सकती। इसके अलावा मांगलिक कामों की खरीदारी कभी भी की जा सकती है।
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खरीदारी के लिए यह शुभ मुहूर्त
श्राद्ध पक्ष में खरीदारी करने के लिए सर्वार्थसिद्धि मुहूर्त 4, 6 और 8 को था अब 9, 13, 14 और 15 सितंबर को ये शुभ मुहूर्त हैं। इसके साथ ही त्रिपुष्कर योग 8 सितंबर को है। रवि पुष्य योग 13 सितंबर को एवं 2 रवियोग पड़ रहे हैं।