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Gyanvapi: ज्ञानवापी परिसर में मसाजिद कमेटी के प्रवेश पर रोक लगाने की याचिका, अब 9 अगस्त को होगी सुनवाई

Fri, 04 Aug 2023 06:34 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 04 Aug 2023 06:34 PM IST
सार

संपूर्ण ज्ञानवापी परिसर को सुरक्षित करने और परिसर में अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के पदाधिकारियों के प्रवेश पर रोक लगाने की अर्जी पर शुक्रवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई। अंजुमन पक्ष ने आपत्ति दाखिल करने के लिए समय की मांग की। अदालत ने 9 अगस्त की तिथि नियत कर दी। 

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Petition to ban entry of Masjid Committee in Gyanvapi Mosque now hearing will be held on 9 August
ज्ञानवापी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के बहुचर्चित ज्ञानवापी परिसर को सुरक्षित और अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के पदाधिकारियों का प्रवेश प्रतिबंधित करने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को जिला जज डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में सुनवाई हुई। इस बीच अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा। अदालत ने मामले की सुनवाई की तिथि नौ अगस्त तय कर दी है।

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मां श्रृंगार गौरी प्रकरण की वादिनी संख्या एक राखी सिंह ने जिला जज की अदालत में नई अर्जी दी है। वादिनी ने अपने अधिवक्ता मान बहादुर सिंह और अनुपम द्विवेदी के माध्यम से अदालत में कहा कि ज्ञानवापी से संबंधित मां शृंगार गौरी प्रकरण न्यायालय के समक्ष लंबित है। विपक्षी अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के पदाधिकारी अब भी परिसर में जाते-आते हैं।
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इस कारण हिंदू धर्म से संबंधित ऐतिहासिक साक्ष्यों से छेड़छाड़ संभव है। साक्ष्य मिटाए भी जा सकते हैं। कोर्ट कमिश्नर की कार्रवाई के दौरान तमाम तरह के साक्ष्य मिलने के दावे किए गए थे। इसे नष्ट किया जा सकता है, इसलिए पदाधिकारियों के प्रवेश प्रतिबंधित करने से संबंधित अनुरोध पत्र को स्वीकार किया जाना चाहिए।

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सर्वे टीम को चाबी न देने के आरोप

राखी सिंह ने अधिवक्ता के माध्यम से कहा कि 24 जुलाई 2023 को सुबह 7 बजे से ज्ञानवापी परिसर में एएसआई ने सर्वे किया था। उस दिन मसाजिद कमेटी ने परिसर के अंदर मौजूद पदाधिकारियों ने दरवाजे का ताला नहीं खोला था। उसकी चाबी एएसआई की टीम को नहीं दी थी। ऐसा लग रहा है कि कमेटी वहां मौजूद हिंदू धर्म से संबंधित साक्ष्यों को नष्ट करना चाहते हैं। अगर साक्ष्य नष्ट हो जाएंगे तो मुकदमे के निस्तारण में परेशानी होगी। उपयुक्त न्यायिक निष्कर्ष तक पहुंचने में समस्या आएगी।

आदिविश्वेश्वर की तत्काल पूजा-अर्चना के वाद पर सुनवाई कल

श्रावण मास में अधिमास पड़ने की वजह से ज्ञानवापी में मिली शिवलिंग जैसी आकृति की तत्काल पूजा-अर्चना की मांग के लिए सिविल जज सीनियर डिवीजन शिखा यादव की कोर्ट में नया वाद दाखिल किया गया है। यह वाद ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्य व आदिविश्वेश्वर डोली रथयात्रा के राष्ट्रीय प्रभारी शैलेंद्र योगीराज सरकार की तरफ से दाखिल किया गया है। अदालत ने वाद को मूलवाद के रूप में पंजीकृत करने के बाद सुनवाई के लिए पांच अगस्त की तिथि नियत कर दी। इस वाद में स्टेट ऑफ यूपी और अन्य को पक्षकर बनाया गया है।

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