फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Performing without permission against CAA and NRC will have to be expensive, will cost jail

सीएए व एनआरसी के विरोध में बगैर अनुमति प्रदर्शन करना पड़ेगा महंगा, खानी होगी जेल की हवा

Wed, 29 Jan 2020 10:45 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Wed, 29 Jan 2020 10:45 PM IST
विज्ञापन
Performing without permission against CAA and NRC will have to be expensive, will cost jail
बेनियाबाग मैदान में मौजूद पुलिस - फोटो : अमर उजाला।

नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में बगैर अनुमति धरना-प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ अब राजद्रोेह के आरोप में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। एसएसपी ने यह निर्देश बुधवार को जिले के थानेदारों को दिया। उन्होंने कहा कि थानेदार और सोशल मीडिया सेल सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म की निगरानी करें। यदि सोशल मीडिया पर भी कोई बगैर अनुमति के लोगों को धरना-प्रदर्शन के लिए उकसाता हुआ प्रतीत हो तो उसे चिह्नित कर कार्रवाई में देरी न की जाए।

विज्ञापन

 

एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि जो भी संगठन धरना-प्रदर्शन की अनुमति मांगने आ रहे हैं, उन्हें सशर्त इजाजत दी जा रही है। इसके बावजूद लोग मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। कुछ लोग कहीं भी मनमाने तरीके से भीड़ एकत्र कर शांति और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास शुरू कर देते हैं।

विज्ञापन


पुलिस उन्हें समझाने जाती है तो बदले में पथराव किया जाता है। इस तरह की हरकत किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। थानेदारों को कहा गया है कि उनके क्षेत्र में यदि कोई बगैर अनुमित के धरना-प्रदर्शन करे तो उसके खिलाफ राजद्रोह के आरोप में मुकदमा दर्ज करें। इस संबंध में जो थानेदार लापरवाही बरतेगा वह विभागीय कार्रवाई की जद में आएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

Performing without permission against CAA and NRC will have to be expensive, will cost jail
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala

बेनियाबाग मामले में छह लोगों की जमानत के खिलाफ अपील होगी

बेनियाबाग मैदान में बीती 23 जनवरी को हम भारत के लोग बैनर तले महिलाएं और पुरुष सीएए और एनआरसी के विरोध में धरना देने गए थे। अनुमति न लेने का हवाला देकर पुलिस महिलाओं को मैदान से उठाने लगी। पुलिस का आरोप है कि इसी बीच कुछ लोगों ने पथराव किया और बाहर से दौड़ कर मैदान के अंदर आए। प्रकरण को लेकर छह लोग गिरफ्तार कर जेल भेजे गए।

चौक थाने में 32 नामजद और 600 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इनमें से 12 के खिलाफ अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। 28 जनवरी को जेल भेजे गए सभी लोगों को अदालत ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। इस संबंध में एसएसपी ने बुधवार को बताया कि फिलहाल सभी छह लोग जेल में हैं। उनकी जमानत निरस्त कराने के लिए पुलिस उच्च अदालत में अपील करेगी।

एलर्ट रही पुलिस, नहीं दिखा भारत बंद का खास असर

सीएए और एनआरसी के विरोध में भारत बंद के आह्वान को लेकर बुधवार को पुलिस अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए दिखी। दालमंडी और बेनिया सहित आसपास के क्षेत्र में बंदी का आंशिक असर दिखा, लेकिन दोपहर 12 बजे के बाद दुकानें खुल गई थीं। इसके बाद बाजार में अन्य दिनों की भांति ही चहल-पहल दिखी।

इस बीच शास्त्री घाट पर बहुजन क्रांति मोर्चा के नेतृत्व में अन्य संगठनों के लोग एकत्र हुए। सूचना पाकर सीओ कैंट मो. मुश्ताक फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और सभी को समझाबुझाकर शांत कराए। धरना देने आए लोगों से पुलिस ने उनका ज्ञापन लेकर उनके घर जाने को कहा। उधर, इससे पहले सुबह से ही मिश्रित आबादी वाले इलाकों और प्रमुख पार्कों के इर्दगिर्द भारी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed