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तथागत के बताए मार्ग पर चलकर ही आएगी विश्व में शांति

Thu, 14 Jul 2022 12:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 14 Jul 2022 12:09 AM IST
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Peace in the world will come only by following the path shown by Tathagata
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि भगवान बुद्ध के आष्टांगिक मार्ग पर चलकर ही विश्व शांति की कामना को पूर्ण किया जा सकता है। वर्तमान में विश्व की जो हालत है ऐसे में दुनिया को भगवान बुद्ध के उपदेशों पर चलने की जरूरत है। तथागत की शिक्षाएं, उपदेश और संदेश आज भी प्रासंगिक हैं तथा सदियों तक रहेंगे। भगवान बुद्ध समरसता के समर्थक, सामाजिक समानता पर जोर देने वाले और अंधविश्वास से दूर रहने का संदेश देते हैं। उनका संदेश बुद्धि और विवेक की शरण में जाने का है।
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आषाढ़ पूर्णिमा पर केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ की ओर से बुधवार को सारनाथ स्थित बुद्धा थीम पार्क में धर्मचक्र प्रवर्तन दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भगवान बुद्ध निरंतर बुद्धि को शुद्ध करने का संदेश देते हैं। देश-विदेश के बौद्ध धर्मावलंबियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि तथागत की उपदेश स्थली पर आकर खुशी की अनुभूति हो रही है। हमारा देश सौभाग्यशाली है कि भारतवर्ष में भगवान बुद्ध का अवतरण हुआ। बौद्ध धर्म भारत की सीमाओं को पार कर श्रीलंका, जापान, कंबोडिया, जावा, सुमित्रा आदि विभिन्न देशों में फैल गया।
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उन्होंने कहा, गौतम बुद्ध ने सामाजिक समानता पर विशेष जोर दिया। आज बौद्ध धर्म दुनिया का सबसे बड़ा चौथा धर्म है। भगवान बुद्ध कहते थे कि यदि बुद्धि को शुद्ध नहीं किया गया तो परिणाम बहुत भयावह होगा। उनकी शिक्षा नैतिक समाज को जीवन जीने की कला देती है। इस मौके पर विश्व शांति के लिए 400 से अधिक बौद्ध भिक्षुओं धम्मचक्र प्रवर्तन सूत्र का पाठ किया। इस दौरान आईबीसी के महासचिव धम्मपिया, संयुक्त सचिव अमिता प्रसाद साराभाई और डीजे अभिजीत हलदर भी उपस्थित रहे।
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सत्य और अहिंसा का मार्ग बनाएगा समाज को समृद्ध
राज्यपाल ने कहा कि आज जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं तो बुद्ध के बताए सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर ही समाज को समृद्ध बना सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि भगवान बुद्ध मानवता के सामूहिक बोध का अवतरण हैं। भगवान बुध बोध भी हैं और शोध भी। केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने अंग वस्त्र एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर राज्यपाल का स्वागत किया। कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुभकामना संदेश का भी रिकॉर्डेड प्रसारण किया गया।

अपने विचारों के साथ आज भी मौजूद हैं बुद्ध
केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश पढ़ा। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में विश्व शांति के लिए भगवान बुद्ध के उपदेशों और आदर्शों पर चलने की अपील की। उन्होंने कहा की महात्मा बुद्ध अपने विचारों के साथ अभी भी हम लोगों के साथ हैं। आत्मविकास के साथ-साथ समाज और देश के विकास में महात्मा बुद्ध के प्रवचन महत्वपूर्ण हैं। केंद्र सरकार बुद्धा सर्किट के विकास और बौद्ध पर्यटकों को बेहतरीन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है।
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