मरीजों की बनेगी 'हेल्थ कुंडली': सामान्य बीमारियों के इलाज की राह होगी आसान, बनारस में कल शुरू होगा प्रोग्राम
टाइफेक टेली डिजिटल हेल्थ पायलट प्रोग्राम के बारे में प्रो. प्रदीप श्रीवास्तव ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत अभी वाराणसी, गोरखपुर, मणिपुर राज्य के एक जिले में इस योजना की शुरूआत की जा रही है।
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अब आपको सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए अस्पतालों का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। आप घर बैठे न केवल डॉक्टर से परामर्श ले सकेंगे बल्कि आपको संबंधित बीमारी के कारण, बचाव के उपाय के बारे में भी हर जानकारी मिलेगी। इसके लिए सभी मरीजों की हेल्थ कुंडली बनाई जाएगी। इससे शहरी और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए इलाज की राह भी आसान होगी।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से संचालित टाइफेक (प्रौद्योगिकी सूचना, पूर्वानुमान एवं मूल्यांकन परिषद) की ओर से इसकी पहल की गई है। गुरुवार को बीएचयू में टाइफेक के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रो. प्रदीप श्रीवास्तव ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि शुक्रवार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इसका उदघाटन करेंगे।
टाइफेक टेली डिजिटल हेल्थ पायलट प्रोग्राम के बारे में प्रो. प्रदीप श्रीवास्तव ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत अभी वाराणसी, गोरखपुर, मणिपुर राज्य के एक जिले में इस योजना की शुरूआत की जा रही है। जहां तीनों जिलों में 20-20 हजार लोगों के हेल्थ से जुड़ा डेटा लिया जाएगा। इसमें विशेष रूप से गांव में रहने वाले महिलाओं, बच्चों को शामिल किया जाएगा।
बीएचयू आउटरीच अकादमिक भागीदार
इन सभी लोगों का डेटा आधार से लिंक किया जाएगा। डेटा आने के बाद चिकित्सकों की टीम की ओर से इसका मूल्यांकन कर संबंधित लोगों को उनकी बीमारी से जुड़े परामर्श, इलाज की सही जानकारी मिल जाएगी।
सुदूर क्षेत्रों में रहने वाली वंचित महिलाओं और बच्चों को रियायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सके यही इस परियोजना का उद्देश्य है। आईआईटी मद्रास के साथ साझेदारी और डैक मोहाली के सहयोग से इस परियोजना को संचालित किया जाएगा। इस टेली हेल्थ कार्यक्रम में वाराणसी जिले के लिए बीएचयू आउटरीच अकादमिक भागीदार है।
इन बीमारियों के बारे में मिलेगी सही जानकारी
एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रो. प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि परियोजना के तहत इलेक्ट्रो कार्डियोग्राफिक जांच ( हृदय रोग परीक्षण ) ,हृदय दर का मापन ,रक्त दाब का मापन ,रक्त ऑक्सीजेनेशन का मापन, लिपिड प्रोफाइल ,हीमोग्लोबिन और माता एवं शिशु की देखभाल (फैटल ड्रॉपलर) आदि के बारे में सही जानकारी मिलेगी।
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