मरीजों को होगी राहत: बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में लैब बनकर तैयार, बसंत पंचमी के बाद 24 घंटे होगी खून की जांच
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में 334 बेड वाले बीएचयू ट्रॉमा सेंटर का उदघाटन किया था। तब से लेकर अब तक पैथलॉजी लैब की सुविधा न होने की वजह से मरीजों को खून की जांच के लिए सर सुंदरलाल अस्पताल जाना पड़ता है।
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बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में आने वाले मरीजों को अब खून की जांच के लिए परिसर स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल तक भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। ट्रॉमा सेंटर में इसके लिए लैब बनकर तैयार हो गई है। लैब में बसंत पंचमी के बाद जांच शुरू करने की तैयारी है। इसके बाद से इमरजेंसी के साथ ही वार्डों में भर्ती मरीजों को लाभ होगा।
ट्रॉमा सेंटर में वाराणसी और आसपास के जिलों के साथ ही बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश तक सड़क दुर्घटना में घायल सहित अन्य घटनाओं के मरीज इलाज के लिए आते हैं। वर्तमान समय में यहां आर्थोपेडिक डिपार्टमेंट, न्यूरो सर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी के मरीजों का इलाज हो रहा है।
लंबे समय से यहां खून की जांच के लिए लैब बनाए जाने की तैयारी चल रही थी। अब ट्रॉमा सेंटर के भूतल पर लैब बनकर तैयार हो गया है। ट्रॉमा सेंटर के आचार्य प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह ने बताया कि कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन और आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. बीआर मित्तल के निर्देशन में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
बीएचयू में पहली बार होगी ऐसी जांच
ट्रॉमा सेंटर में खुलने वाली 24 घंटे जांच की सुविधा रहेगी। फिलहाल यहां पांच तरह की जांच होगी। इसमें बायोकेमिस्ट्री, हिमेटोलॉजी, पेशाब की जांच, एबीजी और थ्रंबो एलास्टोग्राम शामिल हैं। इसमें थ्रंबो एलास्टोग्राम जांच के लिए मशीन के लगने के बाद मैसिव ट्रांसफ्यूजन प्रोटोकॉल लागू हो जाएगा। ऐसे मरीज जिनको अधिक रक्तस्राव होता है, उनको ब्लड में कौन से सूक्ष्म तत्वों की अधिक जरूरत है, इसका पता लगाया जा सकेगा। बीएचयू में पहली बार ऐसी जांच शुरू हो रही है।
सात साल से अब तक नहीं थी जांच की सुविधा
वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 334 बेड वाले इस ट्रॉमा सेंटर का उदघाटन किया था। तब से लेकर अब तक खून जांच की कोई सुविधा नहीं थी। इस वजह से दूर दराज से आने वाले मरीजों, परिजनों को भागदौड़ करनी पड़ती थी। चिकित्सक यदि जांच लिखते थे तो उसका सैंपल देने के लिए सर सुंदरलाल अस्पताल तक जाना पड़ता था। अब ट्रॉमा सेंटर में खून जांच की सुविधा शुरू होने के साथ ही मरीजों को राहत होगी।
मोबाइल पर मिलेगी रिपोर्ट, इलाज में नहीं होगी देरी
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में खून की जांच शुरू होने के बाद मरीज को मोबाइल पर ही इसकी रिपोर्ट भी मिल जाएगी। प्रोफेसर सौरभ सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट की एक प्रति इलाज करने वाले चिकित्सक को भी मोबाइल पर भी भेजी जाएगी, जिससे कि उन्हें इलाज करने में कोई असुविधा न हो। इसके लिए जांच के समय ही मरीज का मोबाइल नंबर लिया जाएगा और उस पर सैंपल रिसीव होने के बाद भी मैसेज मिल जाएगा।