दलों के दांव, जोड़ रहे हाथ-पांव
सिगरा, महमूरगंज, कैंट, लंका, बीएचयू, डीएलडब्ल्यू, कैंट और मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन सहित कई प्रमुख आवासीय कॉलोनियां इसी विधानसभा में हैं। हल्की बारिश होने पर भी सिगरा, महमूरगंज जैसे प्रमुख इलाके भी जलमग्न हो जाते हैं। क्षेत्र में आर्थिक और पर्यटन की असीम संभावनाओं के बावजूद इसकी अनदेकी की गई है। रामनर का किला, विश्व प्रसिद्ध रामलीला और अस्सी, रानी लक्ष्मीबाई जन्मस्थली और तुलसीघाट जैसे प्रमुख आकर्षण को पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित नहीं किया गया। लाखों की आबादी वाला बजरडीहा क्षेत्र स्कूल, कॉलेज और चिकित्सकीय सुविधाओं के लिए तरस रहा है।
विधानसभा क्षेत्र में आजादी के कुछ साल बाद से ही भगवा ब्रिगेड का वर्चस्व रहा है। कभी दीपक की लौ रही तो कभी खिला कमल। पिछले 25 साल से यहां एक ही परिवार के पास नुमाइंदगी रही। हालांकि पूर्व मंत्री और विधान परिषद सदस्य शतरूद्र प्रकाश ने भी इसी क्षेत्र से तीन बार जीत हासिल की।
चार बार इसी सीट से विधायक ज्योत्सना श्रीवास्तव की जगह भाजपा ने उनके पुत्र सौरभ श्रीवास्तव को उम्मीदवार बनाया है। वह पहली बार विधायक का चुनाव लड़ रहे है। वह लंका, विनायका, बिरदूपुर और सिगरा क्षेत्र में मां के कार्यकाल में पास सीवर लाइन कार्य को उपलब्धि बता रहे हैं। वह बुनियादी सुविधाओं के साथ ही बाढ़ से डूब जाने वाले भगवानपुर क्षेत्र को समस्या से मुक्त कराने के लिए ज्ञान प्रवाह के बगल वाले नाले पर गेट लगवाने, तटबंध को और मजबूत बनाने के मुद्दे के साथ चुनाव मैदान में हैं।
बीएचयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और उद्योगपति अनिल श्रीवास्तव लगातार पांचवीं बार यहां से किस्मत आजमाएंगे। पिछले कई साल से इसी क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण वहां की समस्याओं से अच्छी तरह वाकिफ हैं। डोर-टू-डोर और बैठकों के साथ-साथ सोशल मीडिया के विकल्पों फेसबुक से लिंक्ड इन तक अपनी मौजूदगी दर्ज करा रखी है। क्षेत्र के मतदाताओं से वह जल जमाव, सीवर लाइन की समस्या से छुटकारा दिलाने और शुद्ध पानी, चौबीस घंटे बिजली दिलाने का वादा कर रहे हैं।
बसपा के पुराने कैेडर रिजवान अहमद पहली बार चुनाव मैदान में हैं। साड़ी के कारोबार से जुड़े रिजवान जनता के बीच बेरोजगारी, सड़क, पानी, सीवर तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की समस्या को दूर करने की बात कर रहे हैं। डोर टू डोर और बैठकों के माध्यम से विधानसभा की सूरत बदलने का दावा कर रहे हैं। पहली बार चुनाव मैदान में उतरे रिजवान कानून व्यवस्था को पहली प्राथमिकता बताते हुए कहते हैं कि विधायक बनने पर वह बुनकरों के लिए लाभकारी योजनाएं शुरू कराने का प्रयास करेंगे।