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Varanasi News: नहीं रहे काशी के विद्वान लक्ष्मीकांत, की थी राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा; PM व CM ने जताया दुख

Sat, 22 Jun 2024 11:01 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 22 Jun 2024 11:01 AM IST
सार

Varanasi News: भारत के सभी प्रांतों सहित विश्व की उपस्थिति में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रतिष्ठा का मुख्य समारोह सम्पन्न किया गया। कीर्तिशेष दीक्षित जी की दिवंगत आत्मा की शाश्वत शांति हेतु साङ्गवेद विद्यालय परिवार एवं श्रीगीर्वाणवाग्वर्धिनी सभा की ओर से बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना की गई।

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Kashi eminent scholar Lakshmikant Dixit is no more he done consecration of Ram temple
पं लक्ष्मीकांत दीक्षित गुरुजी मे मिलते पीएम मोदी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काशी के मूर्धन्य विद्वान पं. लक्ष्मीकांत दीक्षित गुरुजी परम सायुज्य को प्राप्त हुए। अंतिम यात्रा 11 बजे उनके निवास स्थान मंगलागौरी से निकली। इस दौरान काशी के प्रमुख लोग मौजूद रहे। मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार विधि-विधान से किया गया।

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काशी के मूर्धन्य वैदिक श्रौत-स्मार्त कर्मकाण्ड विशेषज्ञ साङ्गवेद विद्यालय के यजुर्वेदाध्यापक लक्ष्मीकान्त दीक्षित के निधन से सनातनी जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। इनके ही आचार्यत्व मे विगत 22 जनवरी को अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई थी।
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पीएम मोदी ने जताई संवेदना
देश के मूर्धन्य विद्वान और साङ्गवेद विद्यालय के यजुर्वेदाध्यापक लक्ष्मीकान्त दीक्षित के निधन का दुःखद समाचार मिला। दीक्षित जी काशी की विद्वत् परंपरा के यशपुरुष थे। काशी विश्वनाथ धाम और राम मंदिर के लोकार्पण पर्व पर मुझे उनका सान्निध्य मिला। उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख

काशी के प्रकांड विद्वान एवं श्री राम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा के मुख्य पुरोहित, वेदमूर्ति, आचार्य श्री लक्ष्मीकांत दीक्षित जी का गोलोकगमन अध्यात्म व साहित्य जगत की अपूरणीय क्षति है। संस्कृत भाषा व भारतीय संस्कृति की सेवा हेतु वे सदैव स्मरणीय रहेंगे।

प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान एवं उनके शिष्यों और अनुयायियों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!

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