मिर्जापुर: पक्की सराय की एक मीनार गिरी, दो सौ वर्ष पुरानी प्राचीन स्थापत्य कला का नमूना है यह
मीनार में कई लोग रहते भी हैं हालांकि कोई घायल नहीं हुआ। पुरानी इमारत होने के कारण इसकी मरम्मत नहीं हो पा रही है।
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उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद में नगर के मध्य स्थित पक्की सराय की एक मीनार शुक्रवार की शाम गिर पड़ी। हालांकि कोई घायल नहीं हुआ। पक्की सराय तकरीबन दो सौ वर्ष पुरानी बताई जा रही है। यह प्राचीन स्थापत्य कला का नमूना है। मीनार में कई लोग रहते भी हैं। पुरानी इमारत होने के कारण इसकी मरम्मत नहीं हो पा रही है।
नगर में जर्जर मकान गिरने से कई हादसे हो चुके हैं। नगर पालिका की ओर से जर्जर मकानों को चिह्नित किया जा रहा है, पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे आने वाले बरसात में इन मकानों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। हादसे की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने नगर के जर्जर मकानों की सूची डीएम को भेजी है। ताकि इन्हें खाली कराया जा सके।
जर्जर मकान गिरने से जा चुकी हैं कई जानें
दो वर्ष पूर्व नगर के घंटाघर में जर्जर मकान गिरने से दंपती और पुत्र की मौत हो गई थी। एक माह पूर्व नगर के शहर कोतवाली के सामने मकान गिरने से पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों की मौत हो गई थी। जिले में लगातार जर्जर मकान गिर रहे हैं। लेकिन, नगरपालिका नोटिस देकर खानापूर्ति कर लेती है। नगर पालिका की ओर से नगर में 36 मकान चिह्नित किए गए हैं। इनमें बाट-माप विभाग का भवन भी है।
इन स्थानों पर हैं जर्जर मकान
नगर के बाजीरा कटरा, पसरहट्टा, गिरधर चौराहा, बड़ी माता, बदमतर, इमलहा, हरनाबकी गली, बरौधा कचार, लालडिग्गी, गौरियान, मालवीय नगर, चिकाने टोला,धोबियान गली, नटवा, बुढ़ेनाथ, गोसांई टोला, तुलसी चौक, बाट-माप विभागगनेशगंज, झावांगढ़, त्रिमोहानी, अनगढ़, सुरेका स्टेट, महंथ शिवाला,रमईपट्टी, तेलियागंज, कामता प्रसाद की गली आदि है।