गाय के गोबर से बनेगा पेंट: मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के बाद अब बनारस में प्रशिक्षण की तैयारी, किसानों की बढ़ेगी आमदनी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और राजस्थान के बाद अब बनारस में भी गाय के गोबर से आर्गेनिक वैदिक पेंट बनाने की तैयारी है। खादी ग्रामोद्योग आयोग की ओर से सेवापुरी स्थित गांधी आश्रम में इसके लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए जयपुर से प्रशिक्षकों को बुलाया जाएगा। इससे किसान छोटी इकाई लगाकर गाय के गोबर से जैविक पेंट तैयार कर सकेंगे। यह पेंट सेहत के साथ घर की दीवारों के लिए फायदेमंद होगी।
आयोग के निदेशक डीएस भाटी के मुताबिक गाय के गोबर से आर्गेनिक वैदिक पेंट बनाने की तकनीक का प्रस्ताव आयोग के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने जयपुर के कुमार अप्पा राष्ट्रीय हाथ कागज संस्थान को भेजा था। इसके आधार पर संस्थान के वैज्ञानिकों ने पेंट तैयार करने सफलता पाई। भारतीय मानक ब्यूरो से मान्यता के अलावा देश के कई प्रयोगशाला में जांच के बाद इसे तीन राज्यों में लांच किया गया है।
ऑर्गेनिक पेंट के फायदे
गाय के गोबर से तैयार पेंट के आठ फायदे हैं। ये पेंट पर्यावरण के अनुकूल, एंटी वैक्टीरियल, एंटी फंगल, सामान्य पेंट के मुकाबले सस्ता और गंधरहित रहेगा। दीवारों की पोताई से कमरे में गर्मी के मौसम में ठंड और ठंड के मौसम में गर्मी का एहसास होगा।
ऐसे बनाया जाएगा पेंट
गाय के गोबर को बारीक कर उसमें 40 प्रतिशत तक तरल निकाला जाता है। इसके बाद इसमें टाइटेनियमडाई आक्साइड, कैल्शियम कार्बोनेट, थिकनर सहित कई तरल और प्रकृतिक रंग मिलाकर पेंट तैयार किया जाता है।
इन्हें होगा फायदा
आर्गेनिक वैदिक पेंट के उत्पादन से जिले की 113 गोशालाओं के साथ पांच लाख से अधिक गोवंश पालकों को फायदा मिलेगा। एक किलो गोबर से पांच रुपये कमाई की जा सकेगी।