पद्मविभूषण पं. छन्नू लाल का दर्द: बेटी की मौत के बाद 20 दिन से नहीं सोया, आखिर क्या हुआ उसके साथ? बोले- पीएम और सीएम से करेंगे शिकायत
बेटी की मौत के बाद से बनारस घराने के ठुमरी गायक पद्म विभूषण पंडित छन्नूलाल का दर्द कम नहीं हो रहा। पिछले महीने पत्नी की मौत के 3 दिन बाद ही उनकी बड़ी बेटी ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बेटी की मौत का सच सामने लाने के लिए वो लगातार गुहार लगा रहे हैं।
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बेटी की मौत के बाद 20 दिनों से ढंग से नहीं सोया हूं। रात इसी सोच में कट जाती है कि अस्पताल में बेटी के साथ आखिर हुआ क्या? अचानक उसकी जान कैसे चली गई? अस्पताल प्रबंधन के पास न तो मेरे सवाल का जवाब है और न जिला प्रशासन के पास। शुक्रवार को पद्मविभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र का दर्द प्रेसवार्ता में छलक उठा।
वाराणसी के बिरदोपुर स्थित आवास पर बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि हम इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर शिकायत करेंगे। ताकि बेटी की मौत का सच सामने आ सके। छोटी बेटी डॉ. नम्रता मिश्रा ने बताया कि हमने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए बात की है और उन्होंने कहा है कि जब भी मिलना हो पहले हमें बता दें और आकर मिल सकते हैं।
साथ ही पीएमओ कार्यालय से भी बात हुई है। इसके अलावा हमने मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत की है। जल्द ही हम प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत दर्ज करवाएंगे। पं. मिश्र ने कहा कि बेटी संगीता की मौत 29 अप्रैल को हुई और शुक्रवार को 20 दिन हो गए हैं पर कोई जांच रिपोर्ट नहीं मिली है।
कहा कि मन हमेशा चिंतित रहता है कि उन सात दिनों में मेरी बेटी के साथ क्या हुआ होगा। परिजनों को न मिलने दिया और न सीसीटीवी में दिखाया कि वो कैसी है। सात दिन तक इलाज हुआ कुछ देर पहले कहा कि स्थिति में सुधार हो रहा है और दो घंटे बाद कहा कि मौत हो गई, ले जाइए बेटी को। मेरी विनती है कि हमें उन सात दिनों का सीसीटीवी फुटेज दिलाई जाए कि किस हाल में मेरी बेटी को वहां रखा गया और कैसा इलाज मिला।
पंडित छन्नूलाल ने बताया कि कमिश्नर और जिलाधिकारी से बात हुई तो उन्होंने कहा कि जांच चल रही है आप परेशान न हों। कोरोना की वजह से देर हो रही है। जो डॉक्टर्स जांच कर रहे हैं वो आ नहीं रहे हैं जल्दी ही सब होगा पर 20 दिन गुजर गए।
झूठ बोल रहा है अस्पताल प्रबंधन
छोटी बेटी डॉ. नम्रता मिश्रा ने मेडविन अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि हो सकता है वह सीसीटीवी फुटेज ही डिलीट कर दें। वह कह रहे हैं कि उनका सीसीटीवी दो महीने से खराब है, वो झूठ बोल रहे हैं। जिस दिन मेरी दीदी एडमिट हुई थी उस दिन उनका सीसीटीवी कैमरा चल रहा था। मेरी दीदी आराम से बेड पर लेटी दिखीं और उस सीसीटीवी फुटेज की तस्वीर है मेरे पास।
हमें शासन और प्रशासन पर भरोसा है, लेकिन 20 दिन में सात दिन की सीसीटीवी फुटेज नहीं निकाल पाए ये लोग। हमारी मांग है कि बहन को इन सात दिनों में क्या दवाइयां दी गईं। कौन से इंजेक्शन लगाए गए और साथ ही क्या टेस्ट हुए इसकी कोई डिटेल नहीं दी गई है।
20 दिन बाद भी नहीं आई जांच रिपोर्ट
पं. मिश्र ने बताया कि कि बेटी संगीता मिश्रा की मेडविन अस्पताल में संक्रमण से मौत हुई थी। उनकी छोटी बेटी डॉ. नम्रता मिश्रा ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कोतवाली थाने में तहरीर दी थी। वहीं जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने एक तीन सदस्यीय जांच कमेटी नियुक्त करते हुए जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही थी। 20 दिन बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।