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Varanasi News: 1100 किमी सीवर लाइन में 325 किमी की ही सफाई, नगरीय निदेशक नाराज; होगी कार्रवाई

Sat, 29 Jun 2024 11:18 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 29 Jun 2024 11:18 AM IST
सार

Varanasi News: नगरीय निकाय के निदेशक डॉ. नितिन बंसल ने शहर में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधूरे कार्यों को लेकर अफसरों को निर्देशित भी किया। साथ ही सीवर लाइन की समस्याओं को जल्द से जल्द दुरुस्त करने की हिदायत दी।

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Out of 1100 kilometer sewer line only 325 kilometer has been cleaned in varanasi Municipal Director angry
कबीरनगर में निरीक्षण करते नगरीय निकाय के निदेशक डॉ. नितिन बंसल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश के नगरीय निकाय निदेशालय के निदेशक डॉ. नितिन बंसल ने शहर की 1100 किमी लंबी सीवर लाइन में महज 325 किमी की सफाई होने पर जलकल के महाप्रबंधक विजय नारायण मौर्य पर नाराजगी जताई। 

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सर्किट हाउस में नगर निगम, जलकल और जल निगम के कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों के पेच कसे। निदेशक ने हिदायत दी कि जलकल के सभी अवर अभियंताओं को निर्देशित करें कि किसी एक वार्ड को चिह्नित कर उसमें सीवर की समस्या को सूचीबद्ध कराएं। 
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प्राथमिकता के आधार पर स्थायी समाधान कराएं। ताकि भविष्य में समस्या न हो। इसे अन्य वार्डों में भी लागू किया जाए। जलकल की कल वसूली पर नाराजगी जताते हुए निदेशक ने कहा कि 1.31 लाख भवनों के सापेक्ष 88 हजार भवनों से कर वसूला गया। कर वसूली में लगे कर्मचारियों की लापरवाही पर दंडात्मक कार्रवाई करें।
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सीवर सफाई को लेकर दिया निर्देश
निदेशक ने जलकल महाप्रबंधक से पूछा कि शहर में सीवर लाइन की लंबाई कितनी है, इसे साफ कराने के लिए कितने आदमी लगाए हैं, सीस वरुणा और ट्रांस वरुणा क्षेत्र में सीवर लाइन की लंबाई क्या है? 

महाप्रबंधक ने बताया कि शहर में कुल 1100 किमी सीवर लाइन है। 12 अवर अभियंता, 4 सहायक अभियंता और 3 अधिशासी अभियंता हैं। ठेके पर सीवर सफाई कराई जाती है। निदेशक ने कोतवाली, भेलूपुर और आदमपुर वार्ड में सीवर की समस्या के बारे में पूछा। 

सचिव जलकल ने बताया कि भेलूपुर वार्ड में सीवर की शिकायतें ज्यादा हैं। इस पर निदेशक ने शिकायतों के निस्तारण के लिए कंट्रोल रूम को प्रभावी बनाने को कहा। साफ-सफाई मेंटेनेंस सहित सभी कार्य के लिए प्राइवेट संस्था के चयन का प्रस्ताव तैयार करने को कहा। पेयजल की लीकेज पाइप लाइनों को तत्काल ठीक कराने की बात कही।

निदेशक ने डोर-टू-डोर कलेक्शन, कूड़ा उठान, रोड स्वीपिंग की समीक्षा की। कहा कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र होने के कारण साफ-सफाई पर विशेष जागरूकता अभियान चलाएं। शत प्रतिशत डोर टू डोर कलेक्शन हो। 

नियमित रूप से कूड़ा उठाएं। जल निकासी, मार्ग निर्माण, खड़ंजा, पेयजल की सूची तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करें। ताकि अनावश्यक देरी न हो। वहीं, निदेशक ने गृहकर वसूली, पौधरोपण, विज्ञापन की समीक्षा की। नगर निगम दो लाख पौधे लगाने की कार्ययोजना तैयार करे। बड़े स्थान को चिह्नित कर वहां पौधरोपण कराएं। विज्ञापन कर की वसूली बढ़ाने के लिए नव विस्तारित क्षेत्रों में स्थान तय करें।

नगर आयुक्त बोले, जल निगम बेहतर ढंग से नहीं तैयार करता पत्रावली
बैठक में जल निगम के अधीक्षण अभियंता ने बताया कि भूमि चिह्नांकन की कार्रवाई नगर निगम से की जा रही है। कुछ भूमि उपलब्ध हो गई है। जिसकी डीपीआर तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजा गया है। नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने बताया कि जल निगम की ओर से उपयुक्त प्रकार से पत्रावली नहीं भेजी जाती है। जिस पर निदेशक ने जल निगम को संपूर्ण पत्रावली प्रस्तुत करने की हिदायत दी गई।

छोटे नालों की नियमित करें सफाई
बैठक में मुख्य अभियंता ने बताया कि विस्तारित क्षेत्रों में 31 नालों की संख्या बढ़ी है, जिस पर सफाई का कार्य किया जा रहा है। निदेशक ने छोटे नालों की सफाई की प्रगति के बारे में पूछा। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि शहर में कुल 163 किमी छोटे नाले हैं। 

369 कर्मचारी लगाकर सफाई कराई जा रही है। स्वास्थ्य निरीक्षक और सुपरवाइजर निरीक्षण कर रहे हैं। निदेशक ने कहा कि छोटे नालों की सफाई नियमित रूप से कराएं। नियमित सफाई न होने कचरा, गंदगी बड़े नालों में जाकर मिलती है। इससे आगे दिक्कत होती है। साथ में अवर अभियंताओं को भी लगाएं।

निदेशक ने नाला सफाई के बारे में मुख्य अभियंता से पूछा। उन्होंने बताया कि कुल 101 नाले हैं। 28 नालों की सफाई का कार्य पूरा हो गया है। फासी और नाल मशीन का प्रयोग किया जा रहा है। जलभराव वाले स्थलों को चिह्नित कर लिया गया है। पंप भी तैयार हैं।

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