{"_id":"6a99d22bd2c6d303b70698fd","slug":"order-issued-to-register-an-fir-against-police-personnel-including-the-police-outpost-in-charge-the-station-house-officer-sho-will-not-conduct-the-investigation-varanasi-news-c-20-vns1056-1530463-2026-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: पुलिस चौकी प्रभारी समेत पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश, थाना प्रभारी नहीं करेंगे जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: पुलिस चौकी प्रभारी समेत पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश, थाना प्रभारी नहीं करेंगे जांच
विज्ञापन
चोलापुर पुलिस की आख्या से अदालत असहमत, राजपत्रित अधिकारी करेंगे जांच, 15 दिन में रिपोर्ट मांगी
वाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) सुधाकर राय की अदालत ने मुर्दहा पुलिस चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक संध्या जायसवाल समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। सुशीला देवी बनाम संध्या जायसवाल व अन्य के मामले में अदालत ने चोलापुर पुलिस की आख्या पर असहमति जताते हुए स्वतंत्र राजपत्रित अधिकारी से निष्पक्ष विवेचना कराने का निर्देश दिया है। स्पष्ट किया कि थाना प्रभारी विवेचना नहीं करेंगे। रिपोर्ट 15 दिन में पेश करनी होगी।
महिला की ओर से अधिवक्ता ने पुलिस कार्रवाई, जनरल डायरी की प्रविष्टियों, वॉयस रिकॉर्डिंग व ट्रांसक्रिप्शन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर पक्ष रखा। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज सूचनाओं और प्रारंभिक जांच की कार्रवाई को विधिवत दर्ज किए जाने के प्रावधानों पर अदालत का ध्यान आकर्षित किया। अदालत ने पत्रावली के अवलोकन में चोलापुर पुलिस की आख्या में विरोधाभास पाया। आदेश में उल्लेख किया गया कि रात में रोहित कुमार को पुलिस के ले जाने का तथ्य सामने आया, लेकिन उसकी सुपुर्दगी से संबंधित दस्तावेज या प्रविष्टि रिकॉर्ड पर नहीं मिली। थाना प्रभारी सधुवन राम गौतम ने बताया कि मामले की जांच अधिकारी करेंगे।
विज्ञापन
वाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) सुधाकर राय की अदालत ने मुर्दहा पुलिस चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक संध्या जायसवाल समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। सुशीला देवी बनाम संध्या जायसवाल व अन्य के मामले में अदालत ने चोलापुर पुलिस की आख्या पर असहमति जताते हुए स्वतंत्र राजपत्रित अधिकारी से निष्पक्ष विवेचना कराने का निर्देश दिया है। स्पष्ट किया कि थाना प्रभारी विवेचना नहीं करेंगे। रिपोर्ट 15 दिन में पेश करनी होगी।
महिला की ओर से अधिवक्ता ने पुलिस कार्रवाई, जनरल डायरी की प्रविष्टियों, वॉयस रिकॉर्डिंग व ट्रांसक्रिप्शन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर पक्ष रखा। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज सूचनाओं और प्रारंभिक जांच की कार्रवाई को विधिवत दर्ज किए जाने के प्रावधानों पर अदालत का ध्यान आकर्षित किया। अदालत ने पत्रावली के अवलोकन में चोलापुर पुलिस की आख्या में विरोधाभास पाया। आदेश में उल्लेख किया गया कि रात में रोहित कुमार को पुलिस के ले जाने का तथ्य सामने आया, लेकिन उसकी सुपुर्दगी से संबंधित दस्तावेज या प्रविष्टि रिकॉर्ड पर नहीं मिली। थाना प्रभारी सधुवन राम गौतम ने बताया कि मामले की जांच अधिकारी करेंगे।
विज्ञापन