किसानों को भ्रमित कर रहा विपक्ष, पहले अपने कार्यों का विश्लेषण करें पिछली सरकारें: सुरेश राणा
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आजमगढ़ के कोटवां स्थित कृषि महाविद्यालय में शुक्रवार को आयोजित कृषि मेले में गन्ना मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा शामिल हुए। किसान आंदोलन पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों से संवाद के लिए पूरी तरह तैयार है।
प्रधानमंत्री ने सीधे कहा है कि एमएसपी समाप्त नहीं होगी। इसे लेकर किसान संतुष्ट भी थे, लेकिन तमाम राजनीतिक दलों व षडयंत्रकारियों को ये अच्छा नहीं लगा। साजिशन इस माहौल को अभी जिंदा रखा है। विपक्ष अपने पांच सालों के कार्यों का विश्लेषण करें, जो उनकी सरकारों ने नहीं किया वह आज हमारी सरकार ने कर दिखाया है। कांग्रेस के एक नेता आलू डालो सोना निकालो कहते हैं तो दूसरे टेंपो डालो बस निकालो।
मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रतिवर्ष सात लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद होती थी। हमारी सरकार आज प्रतिवर्ष 50 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद कर रही है। पहले 10 से 12 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद होती थी। आज 50 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद हो रही है। वहीं पहले एक साल में गन्ना किसानों का 18 हजार करोड़ रुपये का भुगतान होता था। आज प्रतिवर्ष 36 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है। पहले गांव में पांच से छह घंटे बिजली रहती थी और आज 18 घंटे रहती है।
सपा सरकार व योगी सरकार में यही फर्क है कि सपा सरकार शिलान्यास पर विश्वास करती थी। हमारी योगी सरकार शिलान्यास के बाद लोकार्पण पर विश्वास रखती है और अधूरी पड़ी परियोजनाओं को पूरा कराती है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज जो कृषि बिल पास हुआ है। उसे कांग्रेस भी लाना चाहती थी लेकिन वह नहीं ला सकी। हमारी सरकार ले आई है तो वह विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों के साथ संवाद करने के लिए हर समय तैयार है। हम किसानों के हित में ही कार्य करेंगे।