फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   OPD slips generated instantly by scanning QR code ABHA digital service introduced 100-bed hospital azamgarh

लंबी कतारों से अब निजात: क्यूआर कोड स्कैन करते ही बनेगी ओपीडी पर्ची, 100 शैय्या अस्पताल में आभा डिजिटल सेवा

Sat, 10 Oct 2026 05:56 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 10 Oct 2026 05:56 AM IST
सार

अतरौलिया के 100 शैय्या अस्पताल में आभा डिजिटल सेवा शुरू की गई है। इसके तहत मरीज क्यूआर कोड स्कैन कर चंद सेकेंड में ओपीडी पर्ची बनवा सकेंगे और टोकन प्राप्त कर सकेंगे। इससे पर्ची बनवाने के लिए लंबी कतारों में लगने से निजात मिलेगी। डिजिटल व्यवस्था से मरीजों का समय बचेगा और अस्पताल में पंजीकरण प्रक्रिया भी आसान होगी।

विज्ञापन
OPD slips generated instantly by scanning QR code ABHA digital service introduced 100-bed hospital azamgarh
आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट से मिलेगी सहूलियत। - फोटो : संवाद

विस्तार

अमर शहीद राजा जयलाल सिंह 100 शैय्या संयुक्त जिला चिकित्सालय में ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए मरीजों को अब घंटों कतार में खड़े रहने से राहत मिलेगी। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत अस्पताल में आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) डिजिटल सेवा शुरू की गई है। इसके तहत अस्पताल परिसर में जगह-जगह क्यूआर कोड लगाए गए हैं।

विज्ञापन


मरीज या तीमारदार स्मार्टफोन से कोड स्कैन कर जरूरी विवरण दर्ज करेंगे। इसके बाद मोबाइल पर टोकन नंबर जनरेट हो जाएगा। काउंटर पर टोकन नंबर बताकर ओपीडी पर्ची प्राप्त की जा सकेगी।

विज्ञापन
Trending Videos

अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. दिनेश प्रसाद सिन्हा ने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य ओपीडी काउंटर पर भीड़ कम करना और मरीजों के समय की बचत करना है। डिजिटल पंजीकरण से प्रक्रिया आसान और तेज होगी।

साथ ही पैथोलॉजी और एक्स-रे जैसी सेवाओं को भी डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिलेगी। सीएमएस डॉ. दिनेश प्रसाद सिन्हा ने लोगों से आभा आईडी बनवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से मरीजों का समय बचेगा और उपचार संबंधी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

विज्ञापन

एक आईडी में सुरक्षित रहेगा पूरा मेडिकल रिकॉर्ड
सीएमएस के अनुसार, आभा आईडी बनने के बाद मरीज की एक्स-रे रिपोर्ट, लैब जांच और उपचार से संबंधित रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जा सकेगा। भविष्य में मरीज किसी दूसरे सरकारी या पंजीकृत स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराने जाता है तो उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से चिकित्सक उसकी पुरानी जांच और इलाज की जानकारी देख सकेंगे। इससे जरूरत के अनुसार दोबारा जांच कराने की परेशानी कम हो सकती है और उपचार में सहूलियत मिलेगी।

विज्ञापन

बुजुर्गों के लिए भी रहेगी सुविधा
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था के कारण किसी मरीज को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। आभा आईडी बनाने और क्यूआर कोड से पंजीकरण की प्रक्रिया समझाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को तैनात किया गया है। जागरूकता के लिए पंपलेट भी लगाए गए हैं। जिन मरीजों के पास स्मार्टफोन नहीं है या जो डिजिटल प्रक्रिया का इस्तेमाल नहीं कर सकते, उनके लिए सामान्य पंजीकरण काउंटर की व्यवस्था जारी रहेगी। आधार नंबर और ओटीपी के माध्यम से भी पंजीकरण कराया जा सकेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed