Varanasi: गुजरात की फर्म से 1.40 करोड़ की डकैती के मामले में एक गिरफ्तार, लावारिस कार में मिले थे 92.94 लाख
वाराणसी के बैजनत्था क्षेत्र स्थित गुजरात की फर्म के कार्यालय में डाका डालकर 1.40 करोड़ रुपये लूटने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। शंकुलधारा पोखरे के पास लावारिस कार से मिले 92.94 लाख रुपये इसी डकैती से संबंधित है।
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वाराणसी के बैजनत्था क्षेत्र की आदि शंकराचार्य कॉलोनी स्थित गुजरात की फर्म के कार्यालय में डाका डालकर 1.40 करोड़ रुपये लूटने के मामले में 12 दिन बाद शुक्रवार को भेलूपुर थाने की पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है। गिरफ्त में आए आरोपी की पहचान शिवपुर क्षेत्र के नवलपुर में रहने वाले और आजमगढ़ जिले के अजमतगढ़, जीयनपुर के मूल निवासी सच्चिदानंद राय उर्फ मंटू राय के तौर पर हुई है। उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। तीन अन्य आरोपी भी हिरासत में लिए गए हैं।
पुलिस की पूछताछ में सच्चिदानंद राय उर्फ मंटू ने बताया कि जिस कार से शंकुलधारा पोखरे के पास से 92.94 लाख रुपये बरामद किए गए थे, वह उसी की है। कार उसकी पत्नी निधि राय के नाम से रजिस्टर्ड है। बताया कि वह और अजीत मिश्रा पुराने परिचित हैं।
इस वारदात में अजीत और उसके अलावा प्रयागराज का घनश्याम मिश्रा, प्रतापगढ़ का वसीम और सुल्तानपुर का प्रदीप पांडेय शामिल था। इन चारों के अलावा वारदात में शामिल अन्य लोगों के बारे में वह नहीं जानता है। शेष अन्य लोगों के बारे में अजीत मिश्रा ही बेहतर तरीके से बता सकता है।
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थानाध्यक्ष सहित सात पुलिसकर्मी हुए थे निलंबित
गुजरात के पाटन जिले के चानरुमा थाना के मकवाना निवासी विक्रम सिंह की तहरीर के आधार पर चार जून की देर रात भेलूपुर थाने में एक नामजद और 12 अज्ञात के खिलाफ डकैती सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि 29 मई की रात डकैती डाली गई है। इस मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष सहित सात पुलिस कर्मियों को निलंबित भी किया गया था। इंस्पेक्टर भेलूपुर राजेश कुमार सिंह ने बताया कि सीसी कैमरों की फुटेज और सर्विलांस की मदद से आरोपियों को चिह्नित किया गया। अब सच्चिदानंद राय उर्फ मंटू को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है।
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लूटी रकम छोड़ क्यों दी, बता नहीं सकी पुलिस
1.40 करोड़ रुपये की लूट में सफल होने के बाद अपनी ही कार में सच्चिदानंद राय 92.94 लाख रुपये छोड़ क्यों दिया? जो इतनी बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दे सकता है, वह अपनी ही पत्नी के नाम से रजिस्टर्ड कार में भला इतनी बड़ी रकम क्यों छोड़ेगा? इन सवालों का जवाब भेलूपुर थाने की पुलिस के पास नहीं है। इस संबंध में सच्चिदानंद राय के हवाले से भी पुलिस ने कोई भी बात स्पष्ट नहीं की।
मास्टर माइंड गुरुजी की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, जिस फर्म के कर्मचारी ने दावा किया कि कार से बरामद 92.94 लाख रुपये उसके हैं, उसे इस संबंध में साक्ष्य और तथ्य प्रस्तुत करने होंगे। इसकी जानकारी उसे दी गई है। वहीं, इस प्रकरण के मास्टर माइंड अजीत मिश्रा उर्फ संजय उर्फ गुरुजी की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमों की दबिश वाराणसी से लेकर लखनऊ तक जारी है।
निलंबन हमाारा, पैसा कोई और दबा गया
लावारिस कार से 92.94 लाख रुपये बरामद होने के बाद भेलूपुर थाने के पूर्व थानाध्यक्ष और खोजवा चौकी के पूर्व प्रभारी सहित सात पुलिस कर्मी निलंबित कर दिए गए थे। निलंबित पुलिस कर्मी अब मातहतों से मिलकर सफाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि जितनी बरामदगी दिखाई गई, उससे दोगुना पैसा था। पैसे की गिनती सीसी कैमरे के सामने हुई थी। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन आपस में ही मतभेद हो गया और उनके हाथ धेला भी नहीं लगा। निलंबन हमारा हुआ और पैसा कोई और दबा ले गया।