बीएचयू में कल से फिर चलेंगी ऑनलाइन कक्षाएं, रोटेशन पर बुलाए जाएंगे 50 प्रतिशत कर्मचारी
बीएचयू में ऑनलाइन कक्षाएं दोबारा शुक्रवार से शुरू हो जाएंगी, वहीं परीक्षाएं भी जून के अंत तक शुरू हो सकती हैं। कुलपति की ओर सभी विभागों, निदेशकों और संकाय प्रमुख से बातचीत करके यह निर्णय लिया गया है।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू )में शुक्रवार यानी 21 मई से ऑनलाइन कक्षाएं एक बार फिर से शुरू होंगी। इसके अलावा कार्यालयों में भी रोटेशन सिस्टम से 50 प्रतिशत कर्मचारियों को ही बुलाया जाएगा। हालांकि यह व्यवस्था इमरजेंसी सेवा पर नही लागू रहेगी। कोरोना के बढ़ते संक्रमण की वजह से पिछले दिनों ऑनलाइन क्लास भी बंद कर दिया गया था।
अब प्रभारी वीसी प्रो.वीके शुक्ला की अध्यक्षता मे 19 मई को विभिन्न संस्थानों के निदेशक, संकाय प्रमुखों की ऑनलाइन बैठक में कोरोना की स्थितियों की समीक्षा के बाद फैसला लिया गया कि विश्वविद्यालय में 21 मई से ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू कराया जाएगा। इसके साथ ही कार्यालयों में केवल 50 प्रतिशत कर्मचारी ही आएंगे।
रोटेशन के आधार पर जो कर्मचारी जिस दिन कार्यालय में उपस्थित नहीं रहेंगे वह अपने घरों से ही काम करेंगे। जरूरत पड़ने पर विभागाध्यक्ष, कार्यालय अध्यक्ष द्वारा 50 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों को भी कार्यालय बुलाया जा सकता है।
कर्मचारियों के बुलाने के लिए रोटेशन का फैसला इमरजेंसी सेवा जैसे सर सुंदरलाल अस्पताल, ट्रामा सेंटर, सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक, फार्मेसी,डेयरी, कृषि फार्म पर नहीं लागू रहेगा। गौरतलब है कि शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरुवार को कार्यवाहक कुलपति प्रो. वी के शुक्ल को फोन कर जाना बीएचयू में कोविड और शैक्षणिक गतिविधियों का हाल जाना था। इसके बाद पठन-पाठन दोबारा से शुरू करने की कवायद चली।
बता दें कि बीएचयू ने पिछले दिनों कैंपस में बढ़ते मामलों को देखते हुए ऑनलाइन क्लास भी बंद कर दिया था, क्योंकि ज्यादातर शिक्षक और छात्र संक्रमित हो चुके थे।
जून के अंत तक परीक्षाएं भी?
जून के अंत या जुलाई के पहले सप्ताह में अंतिम वर्ष के छात्रों की सेमेस्टर परीक्षाएं भी ऑनलाइन कराई जा सकती हैं। परीक्षा से पूर्व अध्यापकों के पास महज 40 दिन होंगे, जिनमें कोर्स को खत्म करना होगा। इसके लिए विश्वविद्यालय अब तेजी से तैयारी कर रहा है। हो सकता है ऑनलाइन कक्षा लेने वाले छात्रों का अटेंडेंस भी लिया जाए। वहीं मूडल और गूगल मीट समेत कई अन्य वर्चुअल स्टडी से कक्षाएं चलाने का खाका खींचा जा रहा है।