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वाराणसी : भक्तों की मनुहार पर किया अनवरत स्नान, पालनहार पड़े बीमार

Tue, 14 Jun 2022 08:38 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Tue, 14 Jun 2022 08:38 PM IST
सार

मंगला आरती के बाद देर शाम तक भक्तों ने कराया प्रभु को स्नान, पखवारे भर के अज्ञातवास पर गए नाथों के नाथ भगवान जगन्नाथ

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On request of the devotees, bathing  continuously, the caretaker ill
श्री जगन्नाथ जी की ओर से अस्सी स्थित जगन्नाथ मंदिर में स्नान यात्रा कराने को उमड़ी श्रध्दालु की भीड़। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तीनों लोकों से न्यारी काशी में पालन हार भी भक्तों की मनुहार के आगे विवश हो जाते हैं। जेठ की तपन से व्याकुल भक्तों ने भगवान को ठंडक पहुंचाने की मंशा से स्नान कराना शुरू किया। भक्ति रस में डूबे भक्तों के प्रेम में सुबह से रात तक अनवरत स्नान करने के बाद पालनहार सपरिवार बीमार पड़ गए और पखवारे भर तक अज्ञातवास में विश्राम करेंगे। 

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मंगलवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर नाथों के नाथ भगवान जगन्नाथ, भईया बलभद्र और बहन सुभद्रा के विग्रहों को जगन्नाथ मंदिर के गर्भगृह की छत पर बनी स्नान वेदी पर गज स्वरूप देकर मंचासीन कराया गया। सूर्योदय के साथ ही पुजारी पं. राधेश्याम पांडेय ने श्री गणेश एवं तीनों विग्रहों की भजन-कीर्तन के साथ पूजन-अर्चना की एवं मंगला आरती उतारी।

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On request of the devotees, bathing  continuously, the caretaker ill
श्री जगन्नाथ जी की ओर से अस्सी स्थित जगन्नाथ मंदिर में स्नान यात्रा कराते श्रध्दालु। - फोटो : अमर उजाला

सबसे पहले शापुरी परिवार एवं श्री जगन्नाथ मंदिर के ट्रस्टियों ने पंच पल्लव मिश्रित गंगा जल के 108 मटकों से तीनों विग्रहों को स्नान कराया। इसके बाद पुष्प, आम्र पत्र एवं अशोक पत्र से आच्छादित पट को आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। पट खुलने के पूर्व ही मंदिर में भक्त गंगाजल लेकर पहुंच गए थे। श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव व जय जगन्नाथ के जयघोष के साथ विग्रहों को गंगाजल से स्नान कराना शुरू कर दिया। पुजारी ने दोपहर में भगवान को भोग लगाकर आरती उतारी। इसके बाद फिर जलाभिषेक आरंभ हो गया। शाम को भोग आरती के बाद जलाभिषेक का सिलसिला जारी रहा।

अत्यधिक स्नान के कारण प्रभु बीमार पड़ गए और स्वास्थ्य लाभ के लिए अज्ञातवास पर चले गए। पूरे पखवारे भर भगवान जगन्नाथ औषधीय काढ़े का ही सेवन करेंगे। अब 14 से 29 जून तक भगवान जगन्नाथ मंदिर का पट बंद रहेगा। 30 जून को भगवान जगन्नाथ, बलराम जी व सुभद्रा जी स्वस्थ होने के बाद भक्तों को दर्शन देंगे। कोरोना संक्रमण काल के दो साल बाद रथयात्रा मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस दौरान आलोक शापुरी, शैलेश शापुरी, संजय शापुरी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, अखिलेश खेमका, करुणेश खेमका, अरविंद सारस्वत, जगन्नाथ ओझा, रजत जायसवाल, विपिन ओझा, साक्षी साहनी, कृष्णा पांडेय, अभय सिंह मौजूद रहे।

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