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Varanasi News: पीएम आवास के लिए 10 हजार घूस न देने पर बुजुर्ग को कागजों में दिखाया मृत, वृद्धावस्था पेंशन रोकी

Sat, 07 Jun 2025 12:52 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Sat, 07 Jun 2025 12:52 PM IST
सार

Varanasi News: वाराणसी जिले में एक वृद्ध को इसलिए कागजों में मृत घोषित कर दिया गया, क्योंकि उसने घूस के रुपये नहीं दिए। इतना ही नहीं उसकी पेंशन भी रोक दी गई। 

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old man shown as dead on paper for not paying 10 thousand rupees bribe for PM housing in Varanasi
Document - फोटो : Istock

विस्तार

पीएम आवास के लिए 10 हजार रुपये घूस न देने पर दुर्गा प्रसाद पांडेय (70) को कागजों में मृत घोषित कर दिया गया। साथ ही उनकी वृद्धावस्था पेंशन रोक दी गई। मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश पर बृहस्पतिवार को आराजी लाइन विकास खंड के समाज कल्याण विभाग के एडीओ प्रमोद कुमार पटेल और तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) अंजनी सिंह के खिलाफ राजातालाब थाने में जालसाजी और भ्रष्टाचार सहित अन्य आरोपों मुकदमा दर्ज किया गया है। 

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यह कार्रवाई चंदापुर निवासी दुर्गा प्रसाद पांडेय के प्रार्थना पत्र पर की गई है।दुर्गा प्रसाद पांडेय के अनुसार, उन्हें वृद्धा पेंशन मिलती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास भी मिला था। आवास आवंटन और उसके भुगतान के समय अंजनी सिंह एक बार 20 हजार रुपये घूस लिया था। इसके बाद 10,000 रुपये और घूस मांग रहा था। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई थी। 
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इससे नाराज अंजनी सिंह ने एडीओ प्रमोद कुमार पटेल के साथ मिलकर उन्हें कागजों में मृत घोषित कर दिया। साथ ही, उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद करा दी। वृद्धावस्था पेंशन बंद हुई तो समाज कल्याण विभाग गया। वहां से पता चला कि कागजों में मृत दिखाकर पेंशन बंद की गई है। 
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जांच रिपोर्ट पर अंजनी सिंह और प्रमोद कुमार पटेल के हस्ताक्षर भी थे। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों और राजातालाब थाने की पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस कारण अदालत की शरण में जाना पड़ा है। अदालत ने मामले की सुनवाई की और मुकदमा दर्ज के आदेश दिए।

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