एआई से बनाई अश्लील फोटो-वीडियो: युवती को धमकी दे रहा वन साइड लवर, मंगेतर पहुंचा थाने; दर्ज कराई प्राथमिकी
बांसडीह क्षेत्र की युवती की एआई तकनीक से अश्लील फोटो-वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप लगा है। मंगेतर की तहरीर पर पुलिस ने डुमरी निवासी छोटू बिन्द के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। आरोपी पर फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर आपत्तिजनक सामग्री अपलोड करने और चैट के जरिए दूसरों को भेजने का आरोप है।
विस्तार
बांसडीह कोतवाली क्षेत्र की एक युवती की एआई तकनीक की मदद से अश्लील फोटो और वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का मामला सामने आया है। युवती के मंगेतर की तहरीर पर पुलिस ने बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के डुमरी निवासी छोटू बिन्द के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच साइबर सेल की मदद से कर रही है।
अंबेडकरनगर जिले के असरफाबाद थाना क्षेत्र निवासी युवती के मंगेतर ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि सगाई से पहले युवती की मोबाइल फोन पर छोटू बिन्द से बातचीत होती थी। सगाई होने के बाद युवती ने उससे बातचीत बंद कर दी। आरोप है कि इससे नाराज होकर छोटू बिन्द ने युवती को बदनाम करने की नीयत से एआई तकनीक का इस्तेमाल किया और उसकी आपत्तिजनक फोटो व वीडियो तैयार किए।
तहरीर के मुताबिक, आरोपी ने इसके बाद शुभम विश्वकर्मा के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई। आरोप है कि इसी फर्जी आईडी के माध्यम से युवती की अश्लील फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए। इतना ही नहीं, आरोपी ने चैट के माध्यम से अन्य लोगों को भी युवती की आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भेजे।
मामले की जानकारी होने पर युवती के मंगेतर ने पुलिस से शिकायत की। तहरीर में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने और सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई आपत्तिजनक सामग्री को हटवाने की मांग की गई है। पुलिस ने तहरीर और आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
बांसडीह कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में साइबर सेल की मदद ली जा रही है। पुलिस आरोपी के मोबाइल नंबरों, सोशल मीडिया गतिविधियों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। इसके आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया पर किस-किस माध्यम से प्रसारित की गई और इसमें कोई अन्य व्यक्ति शामिल है या नहीं। डिजिटल साक्ष्य मिलने के बाद आरोपों की पुष्टि के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।