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संपूर्णानंद में होगी नर्सिंग की पढ़ाई, तैयार होगा पाठ्यक्रम
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में नर्सिंग से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने कुलपति के साथ बैठक में विश्वविद्यालय में नर्सिंग पाठ्यक्रम तैयार कर जल्द से जल्द शुरू करने की सलाह दी। रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू होने से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि विद्यापरिषद में पाठ्यक्रम को पास कराकर जल्द ही शुरुआत की जाएगी। इसके अलावा नई शिक्षा नीति के अंतर्गत ज्ञान और रोजगार को आधार बनाकर ही इस संस्था में अनेकों रोजगारपरक पाठयक्रम शीघ्र ही प्रारंभ होगा। उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने इस संस्था में भी संस्कृत निष्ठ विद्यार्थियों के ज्ञान और रोजगार उन्नयन के लिये नर्सिंग से संबंधित पाठ्यक्रम चलाने की सलाह दी है। इससे यह विश्वविद्यालय बहु विषयक पाठ्यक्रमों की संस्था बन जाएगी। शीघ्र ही इस पाठ्यक्रम को तैयार करने के लिये विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। संस्कृत विश्वविद्यालय के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार कराए जाएंगे। संस्कृत भाषा सदैव परसेवा, जनसेवा, मानवतावाद और परोपकारवादी है यही भारतीय संस्कृति भी है। नर्सिंग पाठ्यक्रम का भी यही मूलाकार है।
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कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी ने बताया कि विद्यापरिषद में पाठ्यक्रम को पास कराकर जल्द ही शुरुआत की जाएगी। इसके अलावा नई शिक्षा नीति के अंतर्गत ज्ञान और रोजगार को आधार बनाकर ही इस संस्था में अनेकों रोजगारपरक पाठयक्रम शीघ्र ही प्रारंभ होगा। उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने इस संस्था में भी संस्कृत निष्ठ विद्यार्थियों के ज्ञान और रोजगार उन्नयन के लिये नर्सिंग से संबंधित पाठ्यक्रम चलाने की सलाह दी है। इससे यह विश्वविद्यालय बहु विषयक पाठ्यक्रमों की संस्था बन जाएगी। शीघ्र ही इस पाठ्यक्रम को तैयार करने के लिये विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। संस्कृत विश्वविद्यालय के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार कराए जाएंगे। संस्कृत भाषा सदैव परसेवा, जनसेवा, मानवतावाद और परोपकारवादी है यही भारतीय संस्कृति भी है। नर्सिंग पाठ्यक्रम का भी यही मूलाकार है।
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