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जेईई और नीट परीक्षा के विरोध में एनएसयूआई ने दिया धरना
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जेईई और नीट परीक्षाओं के विरोध की आंच अब काशी भी पहुंच गई है। छात्रों के बाद अब राजनीतिक संगठनों ने भी विरोध करना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को एनएसयूआई ने प्रवेश परीक्षा के विरोध में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गेट पर धरना दिया। शुक्रवार को काशी विद्यापीठ के छात्र नेता एनएसयूआई के बैनर तले भूख हड़ताल पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने कार्यकर्ताओं को कॉलेज गेट से हटा दिया।
इस दौरान पुलिस का छात्रों ने प्रतिरोध भी किया तो नोकझोंक हुई। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने कहा कि कोरोना महामारी के इस दौर में सरकार जेईई और नीट की प्रवेश परीक्षा करवा रही है। परीक्षा के समय हजारों की संख्या में छात्र केंद्रों पर पहुंचेंगे। जिससे कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है और स्थिति भयानक हो सकती है। इसके विरोध में हमलोगों ने एक दिवसीय भूख हड़ताल करने का फैसला किया है और आगे भी इसका विरोध निरंतर जारी रहेगा। इस दौरान महामंत्री ऋषभ पांडेय, शशांक शेखर सिंह, प्रभु पटेल, गौरव, पवन आदि लोग उपस्थित रहे।
यूपी कॉलेज के छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। धरनारत छात्रों के बीच अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ शिवांगी शुक्ला पहुंची लेकिन छात्र सचिव को पद से हटाने की मांग पर अड़े रहे। छात्र नेता विवेकानंद सिंह का कहना था कि जब तक वर्तमान सचिव को पद मुक्त नहीं किया जाएगा तब तक वह धरने पर बैठे रहेंगे। अपर नगर मजिस्ट्रेट ने संयुक्त सचिव केपी सिंह से बात की। सचिव ने कोरोना काल के बाद आने की बात कही। उन्होंने आश्वस्त किया है कि आने के बाद फैसला ले लिया जाएगा।
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इस दौरान पुलिस का छात्रों ने प्रतिरोध भी किया तो नोकझोंक हुई। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने कहा कि कोरोना महामारी के इस दौर में सरकार जेईई और नीट की प्रवेश परीक्षा करवा रही है। परीक्षा के समय हजारों की संख्या में छात्र केंद्रों पर पहुंचेंगे। जिससे कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है और स्थिति भयानक हो सकती है। इसके विरोध में हमलोगों ने एक दिवसीय भूख हड़ताल करने का फैसला किया है और आगे भी इसका विरोध निरंतर जारी रहेगा। इस दौरान महामंत्री ऋषभ पांडेय, शशांक शेखर सिंह, प्रभु पटेल, गौरव, पवन आदि लोग उपस्थित रहे।
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यूपी कॉलेज के छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। धरनारत छात्रों के बीच अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ शिवांगी शुक्ला पहुंची लेकिन छात्र सचिव को पद से हटाने की मांग पर अड़े रहे। छात्र नेता विवेकानंद सिंह का कहना था कि जब तक वर्तमान सचिव को पद मुक्त नहीं किया जाएगा तब तक वह धरने पर बैठे रहेंगे। अपर नगर मजिस्ट्रेट ने संयुक्त सचिव केपी सिंह से बात की। सचिव ने कोरोना काल के बाद आने की बात कही। उन्होंने आश्वस्त किया है कि आने के बाद फैसला ले लिया जाएगा।
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