CAA: एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष समेत तीन पर दंगा भड़काने का आरोप, लगा एनएसए
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बिना अनुमति नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ 20 दिसंबर को जुलूस निकाल कर दंगा भड़काने का प्रयास करने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून(एनएसए या रासुका) के तहत कार्रवाई की गई। इनमें एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष समेत तीन आरोपी शामिल हैं। डीएम की संस्तुति पर सोमवार को शासन ने मुहर लगाते हुए कार्रवाई की।
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ भदोही नगर के पीरखापुर-काजीपुर मार्ग पर 20 दिसंबर को दंगा भड़काने का प्रयास किया गया था। शासन और प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करते हुए बड़ी संख्या में लोग हिंदू बाहुल्य क्षेत्र की तरफ तोड़फोड़ और आगजनी करते हुए आगे बढ़े।
उपद्रव की नीयत से आगे बढ़ रहे लोगों को पुलिस-प्रशासन ने 144 का हवाला देकर समझाने का प्रयास किया, पर उग्र उपद्रवियों ने पुलिस बल पर ईट-पत्थर कांच की बोतलों और लाठी डंडे से प्राणघातक हमला कर दिया। इस दौरान सरकारी संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया।
इस दौरान प्रभारी निरीक्षक कोतवाली भदोही समेत छह पुलिस कर्मी भी घायल हो गए थे। करीब पांच से छह घंटे तक भदोही नगर में जमकर बवाल हुआ था। मामले में पुलिस ने तीन दर्जन से अधिक नामजद और 150 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
भदोही ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) जिलाध्यक्ष तनवीर हयात पुत्र रफीकुज्जमा खॉन निवासी मोहल्ला पश्चिम, ताविस आर्यान पुत्र स्व. कुतुबुद्दीन अंसारी निवासी काशीपुर और सायम वासिक अंसारी उर्फ खुर्रम पुत्र स्व. अली अहमद निवासी बाजार सलावत खां के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 के तहत निरुद्ध करने के लिए रिपोर्ट भेजी। 11 फरवरी को डीएम और एसपी एडवाइजरी बोर्ड लखनऊ में उपस्थित हुए। इसके बाद शासन ने तीनों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की है।