फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Now research for improved varieties of paddy will be completed in five years instead of ten

धान की उन्नत प्रजाति के लिए अब दस की जगह पांच साल में पूरे होंगे शोध

Fri, 24 Dec 2021 01:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 24 Dec 2021 01:09 AM IST
विज्ञापन
Now research for improved varieties of paddy will be completed in five years instead of ten
तीन करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से बने साउथ एशिया के पहले स्पीड ब्रीड प्रयोगशाला का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को लोकार्पण किया। पाकिस्तान, भूटान, मालदीव, नेपाल, भारत सहित दक्षिण एशियाई देशों के लिए धान की उन्नत किस्मों पर वैज्ञानिक यहां शोध कर सकेंगे। पहले धान की प्रजातियों पर शोध करने में 10 साल लगते थे, अब स्पीड ब्रीड प्रयोगशाला में पांच साल में ही क्रास प्रजातियों पर शोध पूरे हो सकेंगे। इससे किसानों को नई और उन्नत किस्म के बीज मिलेंगे। प्रयोगशाला में छह धान की प्रजाति के 16 हजार पौधे लगाए गए हैं। जिसमें तैयार धान के बीज के किस्मों में पोषक तत्व, रोग प्रतिरोधक क्षमता और उत्पादन बढ़ाने पर शोध किया जा रहा है। यहां सब्जियों, गेहूं और मक्के पर भी शोध होगा।
विज्ञापन

अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र के निदेशक डॉ. सुधांशु सिंह ने बताया कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ती आबादी को देखते हुए पादप प्रजनन फैसिलिटी (स्पीड ब्रीड) कृषि वैज्ञानिकों के बीच एक उभरती हुई तकनीक है। पहले एक साल में सामान्य विधि मौसम के आश्रय एक से दो संततियों को प्राप्त किया जा सकता था जबकि स्पीड ब्रीड प्रयोगशाला में अब एक साल में चार से पांच संततियों (जनरेशन) को प्राप्त किया जा सकेगा।
विज्ञापन

कृत्रिम रोशनी में पौधो को मिलेगा पोषण
स्पीड ब्रीड प्रयोगशाला में चार चेंबर बनाए गए हैं। जिसमें शोध के लिए लगाई धान की छह क्रास प्रजातियों पर कृत्रिम रोशनी, पानी, हवा जरूरत और मौसम के अनुकूल दिया जाएगा। पौधों के तेजी से विकास के लिए सात रंग की रोशनी समय-समय पर दी जाएगी। जिससे पौधे कम समय में ही तैयार हो जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed