फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Now people also depend Kashi historical Ganga prayer

अब जनता भी देखेगी काशी में ऐतिहासिक गंगा आरती

Sat, 12 Dec 2015 01:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Sat, 12 Dec 2015 01:26 AM IST
विज्ञापन
Now people also depend Kashi historical Ganga prayer

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे के साथ गंगा आरती देखने की राह आम जनता के लिए भी खोल दी गई है।

विज्ञापन

शनिवार की शाम काशी में आरती देखने की इच्छा से आने वाले देश-दुनिया के पर्यटक और श्रद्धालु दशाश्वमेध घाट पर अब तक की सबसे बड़ी खुशी के नजारे को देखने से वंचित नहीं रहने पाएंगे।
मोदी-शिंजो मढ़ी पर फूलों के वंदनवारों से सजे मंच पर होंगे तो घाट के सामने कतारबद्ध सुसज्जित नाव-बजरे पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए लगाए जाएंगे।
 करीब 25 हजार से अधिक लोग नावों पर बैठकर आरती देख सकेेंगे। गंगा में बने प्लेटफार्म पर जापानी, भारतीय मीडिया, अफसर और कुछ और लोग होंगे।
तैयारियों को मूर्त रूप देने के लिए शुक्रवार की देर शाम दशाश्वमेध घाट पहुंचे केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने यह जानकारी दी।
जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे जब पीएम मोदी के साथ शनिवार की शाम 5:45 बजे दशाश्वमेध घाट पहुंचेंगे, तब भोले की नगरी काशी अब तक के सबसे बड़े महोत्सव के सतरंगी नजारे में चमकती नजर आएगी।
विज्ञापन

एलईडी और हाइलोजन की चकाचौंध के बीच घाट की सीढ़ियों, मढ़ियों से लेकर मंदिरों के शिखरों, छतों, बारजों और आरती स्थल के पायों पर 500 कुंतल से अधिक फूलों की लतरों, वंदनवारों, झूमरों और अल्पनाओं की लड़ियां दोनों देशों के रिश्तों में खुशबू और रंग बिखेरेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

 5:50 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मोदी-शिंजो विश्व कल्याण की कामना से गंगा की पूजा करेंगे। आचार्य होंगे प्रो. चंद्रमौलि उपाध्याय। 10 मिनट की पूजा के बाद दोनों देशों के प्रधानमंत्री रेड कारपेट वाली सीढ़ियों से घाट के दक्षिणी हिस्से की आखिरी मढ़ी पर बने मंच पर विराजमान होंगे और गंगा आरती शुरू हो जाएगी।
नौ पुरोहित गंगा की महाआरती करेंगे। इसमें तीन नेपाल, तीन हिमाचल, दो काशी और एक असोम के पुरोहित शामिल हैं। उस दौरान 18 देव कन्याएं रिद्धि-सिद्धि के रूप में चंवर डुलाएंगी।

17 कन्याएं घंटे-घड़ियाल बजाएंगी। तीन डमरूदल के साथ रामजनम योगी की शंखध्वनि से शुरुआत होगी। गंगा की लहरों पर घाट से करीब 50 मीटर दूर एनडीआरएफ के जवानों के घेरे के बाहर नाव-बजरे श्रद्धालुओं, पर्यटकों के लिए लगाए जाएंगे।
45 मिनट तक गंगा आरती चलेगी। उस दौरान पारंपरिक वेश में शिव तांडव की झलक दिखाने के लिए कुछ बच्चे भी मौजूद रहेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed