अब अंधेरे में भी दूर से दिखेंगी नावें: गंगा में चलने वाली नावों के लिए जल्द होगी ये व्यवस्था, सफर होगा आसान
दशाश्वमेध घाट पर मंगलवार को जल पुलिस के साथ नाविक समाज की बैठक हुई। इसमें देव दीपावली व त्योहारों को देखते हुए गंगा का सफर सुरक्षित बनाने पर चर्चा की गई। जल पुलिस के मुताबिक पर्यटकों की सुरक्षा में प्राथमिकता है। देव दीपावली के पहले से ही जल पुलिस, पीएसी और एनडीआरफ के जवान हाई स्पीड बोट से पेट्रोलिंग करेंगे।
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अंधेरे में भी नावें दूर से दिखाई देंगी। गंगा में चलने वाली नावों में जल्द ही रेडियम पट्टी लगाई जाएगी। इससे सफर सुरक्षित रहेगा। इसी तरह से राजघाट से अस्सी की ओर जाने वाली नावें घाट किनारे से जाएंगी, जबकि वापसी गंगा उस पार रेती की तरफ से होगी। निर्धारित लेन में सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। नावों की गति भी धीमी रहेगी।
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दशाश्वमेध घाट पर मंगलवार को जल पुलिस के साथ नाविक समाज की बैठक हुई। इसमें देव दीपावली व त्योहारों को देखते हुए गंगा का सफर सुरक्षित बनाने पर चर्चा की गई। जल पुलिस के मुताबिक पर्यटकों की सुरक्षा में प्राथमिकता है। देव दीपावली के पहले से ही जल पुलिस, पीएसी और एनडीआरफ के जवान हाई स्पीड बोट से पेट्रोलिंग करेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से गंगा क्षेत्र को सेक्टर में बांटा जाएगा। निगरानी के लिए छोटो दल तैनात रहेंगे। मां गंगा निषादराज सेवा समिति के अध्यक्ष प्रमोदी मांझी ने कहा कि नावों पर रेडियम पट्टी लगाने का काम तो नगर निगम का है, लेकिन यह काम नाविक समाज स्वयं करेगा। इससे अंधेरे में भी नावें दिखेंगी। कार्तिक पूर्णिमा तक सभी नावों में रेडियम पट्टी लगाई जाएगी। सभी पर्यटक लाइफ सेविंग उपकरण पहनने के बाद ही नावों पर बैठ पाएंगी। इस मौके पर शंभू साहनी, श्यामलाल मांझी, टेलीविज साहनी, भगानू मांझी आदि मौजूद रहे।
निर्धारित लेन में ही चलेंगी नावें
देव दीपावली पर जिग-जैग या मनमाने तरीके से नावों का संचालन नहीं होगा। गंगा में जेटी के जरिये लेन निर्धारित किया जाएगा। इसमें सभी छोटी बड़ी नावों को सुरक्षा मानकों का ध्यान में रखते हुए संचालन होगा।गंगा में हर गतिविधि पर जल पुलिस व अन्य एजेंसियों की निगाह रहेगी। नाविक समाज स्वयं सुरक्षा निगरानी करेगा। कानून व्यवस्था और आपात स्थिति से निपटने के लिए जल पुलिस की टीम गश्त करेगी।