चिंता: बच्चों का सामान्य टीकाकरण हो नहीं पा रहा, तीसरी लहर से कैसे बचाएंगे
कोरोना संक्रमण और कोरोना टीकाकरण की वजह से बच्चों को अन्य बीमारियों से बचाने के लिए लगने वाले टीक नहीं लग पा रहे हैं। वहीं, मिशन इंद्रधनुष अभियान भी तीन महीने से बंद पड़ा है।
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कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण की आशंका को देख अस्पतालों में तैयारियां हो रही हैं, लेकिन बच्चों को अन्य बीमारियों से बचाने वाले सामान्य टीकाकरण की व्यवस्था बेपटरी हो गई है। स्वास्थ्य केंद्रों पर पहले हर दिन टीके लगाए जाते थे, लेकिन अब टीकाकरण नहीं हो रहा है।
मिशन इंद्रधनुष अभियान भी तीन महीने से ठप है। बच्चों और उनके अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, शहरी और ग्रामीण इलाकों में बच्चों को टीका लगाने वाली एएनएम सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी कोरोना टीकाकरण में लगे हैं। जिसकी वजह से सामान्य टीकाकरण का काम प्रभावित हो रहा है। अब कोरोना के केस भी कम हो रहे हैं। बावजूद स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण पर कोई ठोस निर्णय नहीं ले पा रहा है।
बच्चो को लगते हैं ये टीके
जन्म के समय बीसीजी, पोलियो और हेपेटाइटिस-बी
जन्म से 6 सप्ताह पर पोलियो-1, रोटा वाइरस-1, आईपीवी-1, पेंटावैलेंट-1 तथा पीसीवी-1
जन्म से 10 सप्ताह पर - पोलियो-2, रोटा वाइरस-2 तथा पेंटावैलेंट-2
जन्म से 14 सप्ताह पर - पोलियो-3, रोटा वाइरस-3, आईपीवी-3,पेंटावैलेंट-3 तथा पीसीवी-2
9 से 12 महीने पर- मीजेल्स-रूबेला-1,पीसीवी बूस्टर डोज तथा जापानी इंसेफेलाइटिस-1
16 से 24 महीने पर-पोलियो बूस्टर डोज, मीजेल्स-रूबेला-2, डीपीटी बूस्टर -1 और जापानी इंसेफेलाइटिस-2
5 से 6 वर्ष पर-- डीपीटी बूस्टर-2
जन्म से 10 वर्ष पर- टिटनेस-डिफ्थीरिया।
मंडलीय अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सीपी गुप्ता ने बताया कि कोरोना संक्रमण सहित अन्य बीमारियों से बचाने में बहुत हद तक टीकाकरण प्रभावी होता है। विशेषकर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को अगर समय से टीका लग जाए तो बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉक्टर वीएस राय ने बताया कि कोरोना की वजह से टीकाकरण पर असर जरूर पड़ा है, लेकिन बच्चों को टीके लगाए जा रहे हैं। जिन आशा, एएनएम की कोविड ड्यूटी नहीं है, उन्हें इस कार्य में लगाया गया है। अभी किसी तरह का कैंप तो नहीं हुआ है। अस्पतालों में टीका लग रहा है।
आईएमए में हर दिन लग रहा टीका
कोरोना काल में भी बच्चों का टीकाकरण आईएमए में हर दिन हो रहा है। सचिव डॉक्टर आरएन सिंह के मुताबिक कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कर बच्चों को निर्धारित चार्ट के अनुसार टीका लग रहा है।
पहले दस हजार टीके लगते थे, अब आधी हुई संख्या
जिले में सामान्य दिनों में महिला अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्रों, आईएमए को मिलाकर आठ से दस हजार बच्चों को टीका लगता है। कोरोना काल में यह संख्या आधी हो गई है। आरएन सिंह ने बताया कि इस समय जिले में महीने में पांच से छह हजार टीकाकरण ही हो पा रहा है। औसतन आईएमए में ही 3 से 4 हजार बच्चों का टीकाकरण हो रहा है।