वाराणसी: एमएलसी चुनाव का नामांकन आज से, पार्टियों के प्रत्याशियों पर संशय
11 फरवरी तक नामांकन किया जा सकेगा। 16 फरवरी को नाम वापसी के बाद तस्वीर साफ हो जाएगी। मतदान तीन मार्च को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होगा।
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स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के विधान परिषद चुनाव के लिए शुक्रवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। अपर जिलाधिकारी प्रशासन के न्यायालय में सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक नामांकन होगा। अवकाश के दिन छोड़कर 11 फरवरी तक नामांकन की प्रक्रिया जारी रहेगी। नामांकन पत्रों की जांच 14 फरवरी, नाम वापसी की अंतिम तिथि 16 फरवरी तय है।
मतदान तीन मार्च को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होगा। वोटों की गिनती 12 मार्च को होगी। गुरुवार को कलेक्ट्रेट में बैरिकेड आदि कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। उधर, अब तक राजनीतिक दलों ने प्रत्याशियों पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
दरअसल, चुनाव के लिए चार फवरी से अधिसूचना जारी होगी और इसी के साथ नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। वाराणसी के अलावा चंदौली और भदोही परिक्षेत्र को समेटे स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में 4949 मतदाता प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 11 फरवरी को होना है। इसकी संख्या बढ़ व घट भी सकती है।
स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि निर्वाचित सदस्य बृजेश कुमार सिंह उर्फ अरुण का छह साल का कार्यकाल सात मार्च को पूरा हो जाएगा। निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची एवं मत पत्र का नमूना 16 फरवरी को तैयार कराकर उसी दिन रात्रि में ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश और प्रभारी अधिकारी (मतपत्र) द्वारा मत पत्र का नमूना निर्दिष्ट राजकीय प्रेस को प्रेषित किए जाएंगे।
ये चुनते हैं एमएलसी
संसद सदस्य, विधानसभा सदस्य, विधान परिषद सदस्य, नगर निगम के पार्षद व महापौर, नगर पालिका व नगर पंचायत के अध्यक्ष व सदस्य, जिला व क्षेत्र पंचायत के अध्यक्ष व सदस्य, कैंटोमेंट बोर्ड के सदस्य व ग्राम पंचायत के प्रधान वोटिंग करते हैं।
प्रत्याशी चयन पर टिकी निगाहें
वर्ष 2016 में हुए विधान परिषद चुनाव में केंद्रीय जेल में निरुद्ध निर्दलीय प्रत्याशी बृजेश कुमार सिंह को भाजपा ने समर्थन दिया था। उन्होंने सपा की निकटतम प्रतिद्वंद्वी मीना कुमारी को करीब 19 सौ मतों से पराजित किया था। निर्दलीय बृजेश कुमार सिंह को कुल 3038 वोट मिले थे। जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा की मीना सिंह को 1084 वोट मिले थे। इस बार विधानसभा चुनाव के साथ हो रहे इस चुनाव में प्रत्याशियों का चयन राजनीतिक दलों के लिए चुनौती मानी जा रही है। कारण, जातीय समीकरण साधने के साथ ही सबको साधने की कवायद महत्वपूर्ण होगी।