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Varanasi News: अनिश्चित काल के लिए पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की वसूली का इंतजार नहीं
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अनिश्चित काल के लिए पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की वसूली का इंतजार नहीं
- एनजीटी ने यूपीपीसीबी की खिंचाई की, अब 10 मई को होगी सुनवाई
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के चेयरपर्सन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) से पूछा कि पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की वसूली टेंट सिटी बसाने वाली कंपनियों से क्यों नहीं की गई? वसूली का इंतजार अनिश्चितकाल तक नहीं किया जा सकता है। मामले की अगली सुनवाई 10 मई को होगी।
एनजीटी प्रधान पीठ नई दिल्ली की तीन सदस्यीय बेंच के समक्ष गंगा किनारे बनाई गई टेंट सिटी के मामले की सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव, न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ऐ. सेंथिल वेल की पीठ ने पूछा कि टेंट सिटी की क्या स्थिति है। इस पर सरकार के वकील की तरफ से कहा गया कि टेंट सिटी नहीं बनाई गई है। वाराणसी विकास प्राधिकरण के अधिवक्ता अमित तिवारी की तरफ से स्वास्थ्य का हवाला देकर सुनवाई स्थगित करने की मांग की गई, जिसे ट्रिब्यूनल ने स्वीकार कर लिया। याची के अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने वर्चुअल माध्यम से बहस की।
जुर्माना आदेश की समीक्षा की अपील
सुनवाई के दौरान केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने अपने ऊपर लगे पांच हजार रुपये जुर्माने के आदेश की समीक्षा किए जाने की अपील की। समीक्षा का आवेदन भी प्रस्तुत किया। इस पर एनजीटी की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा जिस बेंच ने जुर्माना लगाया था, उसमें से एक सदस्य नहीं हैं। अगली बार सुनवाई होगी।
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- एनजीटी ने यूपीपीसीबी की खिंचाई की, अब 10 मई को होगी सुनवाई
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के चेयरपर्सन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) से पूछा कि पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की वसूली टेंट सिटी बसाने वाली कंपनियों से क्यों नहीं की गई? वसूली का इंतजार अनिश्चितकाल तक नहीं किया जा सकता है। मामले की अगली सुनवाई 10 मई को होगी।
एनजीटी प्रधान पीठ नई दिल्ली की तीन सदस्यीय बेंच के समक्ष गंगा किनारे बनाई गई टेंट सिटी के मामले की सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव, न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ऐ. सेंथिल वेल की पीठ ने पूछा कि टेंट सिटी की क्या स्थिति है। इस पर सरकार के वकील की तरफ से कहा गया कि टेंट सिटी नहीं बनाई गई है। वाराणसी विकास प्राधिकरण के अधिवक्ता अमित तिवारी की तरफ से स्वास्थ्य का हवाला देकर सुनवाई स्थगित करने की मांग की गई, जिसे ट्रिब्यूनल ने स्वीकार कर लिया। याची के अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने वर्चुअल माध्यम से बहस की।
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जुर्माना आदेश की समीक्षा की अपील
सुनवाई के दौरान केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने अपने ऊपर लगे पांच हजार रुपये जुर्माने के आदेश की समीक्षा किए जाने की अपील की। समीक्षा का आवेदन भी प्रस्तुत किया। इस पर एनजीटी की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा जिस बेंच ने जुर्माना लगाया था, उसमें से एक सदस्य नहीं हैं। अगली बार सुनवाई होगी।
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