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UP : कागज पर पोस्टमार्टम ड्यूटी ही नहीं, कैसे करेंगे बहिष्कार, CMS बोले - पांच फरवरी तक नहीं है किसी की ड्यूटी
Thu, 16 Jan 2025 04:19 AM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Thu, 16 Jan 2025 04:19 AM IST
सार
जिला अस्पताल के डाॅक्टर सीएमएस को हटाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। अब डाॅक्टरों ने पोस्टमार्टम ड्यूटी का बहिष्कार कर दिया है। इसको लेकर सीएमएस ने कहा है कि पांच फरवरी तक कोई ड्यूटी ही नहीं लगाई गई है तो बहिष्कार किसका कर रहे हैं।
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जिला अस्पताल में धरना दे रहे डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टॉफ से बातचीत करते CMS डॉ. दिग्विजय सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में धरना देने वाले डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम ड्यूटी के बहिष्कार करने का निर्णय तो ले लिया है लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से पांच फरवरी तक किसी डॉक्टर की पोस्टमार्टम ड्यूटी ही नहीं लगाई गई है। ऐसे में उनके बहिष्कार का पोस्टमार्टम सेवा पर कोई खास असर नहीं पड़ने वाला है।
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जिला अस्पताल में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ ने सीएमएस को हटाने को लेकर संघर्ष समिति बनाई है और पिछले 15 दिन से ओपीडी में सेवा देने के बाद लगातार धरना दे रहे हैं। 15 जनवरी यानी बुधवार से उन्होंने पोस्टमार्टम ड्यूटी का बहिष्कार करने का निर्णय लिया था। जबकि शिवपुर पोस्टमार्टम हाउस पर सामान्य दिनों की तरह पोस्टमार्टम का कार्य चलता रहा। यहां जिला अस्पताल के किसी डॉक्टर की ड्यूटी ही नहीं लगाई गई थी।
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सीएमएस डॉ. दिग्विजय सिंह का कहना है कि पांच फरवरी तक जिला अस्पताल के किसी भी डॉक्टर की ड्यूटी पोस्टमार्टम हाउस में नहीं लगी है। डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ अस्पताल के महत्वपूर्ण अंग हैं। उन्हें समझाने का प्रयास किया जा रहा है। हर दिन एक घंटे बातचीत का समय भी निर्धारित किया गया है। इसके बाद भी डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ बातचीत करने नहीं आ रहे हैं। उनका दावा है कि मरीजों को सभी तरह की सुविधाओं का लाभ सामान्य दिनों की तरह ही मिल रहा है।
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