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Ganga Expressway: गंगा एक्सप्रेव-वे के लिए अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा नहीं, MLC ने विधान परिषद में उठाया मुद्दा
Thu, 06 Mar 2025 01:37 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 06 Mar 2025 01:37 PM IST
सार
एमएलसी ने कहा कि वाराणसी के सदर तहसील पांडेयपुर, आयर, सरईयां समेत कई गांवों के किसानों की जमीन का अधिग्रहण गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान किया गया। किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया।
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Expressway
- फोटो : X/@PMOIndia
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विस्तार
एमएलसी धर्मेंद्र सिंह ने मंगलवार को विधान परिषद में गंगा एक्सप्रेस-वे के किसानों की अधिग्रहीत की हुई जमीन का मुआवजा न मिलने का मुद्दा उठाया। कहा कि विभागों के उच्चाधिकारियों की लोक सेवा में कोई रुचि नहीं है। कोविड में जान गंवाने वाले पत्रकारों को आर्थिक मदद न मिलने का मुद्दा भी उठाया।
कहा कि शासन से आर्थिक मदद जारी की गई जो अब तक लंबित है। एमएलसी ने कहा कि वाराणसी के सदर तहसील पांडेयपुर, आयर, सरईयां, सुलेमापुर, भटपुरवा कला, भटौंली कोहासी समेत कई गांवों के किसानों की जमीन का अधिग्रहण गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान किया गया। किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया।
संबंधित विभाग के अफसरों को कई बार लिखित और मौखिक भी बताया गया, लेकिन किसान भटक रहे हैं। किसानों में नाराजगी है। जल्द ही मुआवजा देने की मांग की।
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कहा कि शासन से आर्थिक मदद जारी की गई जो अब तक लंबित है। एमएलसी ने कहा कि वाराणसी के सदर तहसील पांडेयपुर, आयर, सरईयां, सुलेमापुर, भटपुरवा कला, भटौंली कोहासी समेत कई गांवों के किसानों की जमीन का अधिग्रहण गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान किया गया। किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा नहीं दिया गया।
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संबंधित विभाग के अफसरों को कई बार लिखित और मौखिक भी बताया गया, लेकिन किसान भटक रहे हैं। किसानों में नाराजगी है। जल्द ही मुआवजा देने की मांग की।