Varanasi: रणदीप सिंह सुरजेवाला के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई न की जाए, हाईकोर्ट ने दिया आदेश
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला के खिलाफ किसी भी उत्पीड़नात्मक कार्रवाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्थगित रखने का आदेश विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट (वाराणसी) को दिया है।
विस्तार
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला के खिलाफ किसी भी उत्पीड़नात्मक कार्रवाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्थगित रखने का आदेश विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट (वाराणसी) को दिया है। कोर्ट में दिए गए आवेदन में सुरजेवाला के अधिवक्ता संजीव वर्मा ने कहा कि उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि पूर्व में पारित आदेश का जब तक अनुपालन सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक कोई भी उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं की जाए।
कोर्ट में दिए गए आवेदन में कहा गया कि इस आदेश का आशय पूर्व में जारी गिरफ्तारी वारंट से है, जिसे स्थगित रखा जाए। ऐसे में पूर्व में जारी ऐसे किसी भी आदेश को स्थगित रखने के अनुरोध के साथ हाईकोर्ट के आदेश की फोटोकॉपी भी दाखिल की गई।
अदालत के पीठासीन अधिकारी अवनीश गौतम के अवकाश पर रहने के कारण मामले की सुनवाई की अगली तिथि 17 जुलाई नियत कर दी गई। 23 वर्ष पुराने इस मामले में सुरजेवाला के आवेदन पर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट ने आरोप पत्र, केस डायरी और अन्य अभियोजन प्रपत्रों की पठनीय प्रति उपलब्ध कराने का आदेश अवर न्यायालय को दिया था।
सुरजेवाला के अधिवक्ता का कहना है इस आदेश के बावजूद जो प्रति उपलब्ध कराई गई, उसमें बहुत कुछ पठनीय नहीं है। इस पर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई और उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी गई। बता दें कि संवासिनी प्रकरण में कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में आयुक्त कार्यालय में तत्कालीन युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रणदीप सिंह सुरजेवाला के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में तोड़फोड़ कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
इस मामले में सुरजेवाला के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। सुरजेवाला की तरफ से आरोप से डिस्चार्ज करने के लिए आवेदन देने के लिए आरोप पत्र व केस डायरी की पठनीय प्रति दिए जाने का अनुरोध अवर न्यायालय से किया था।