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गिरधारी के गिरफ्त में आते ही सुलझ जाएगा नितेश की हत्या का राज

Tue, 09 Jun 2020 01:21 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2020 01:21 AM IST
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nitesh hatyakand
वाराणसी। शिवपुर स्थित सदर तहसील परिसर में सारनाथ थाने के हिस्ट्रीशीटर ट्रांसपोर्टर नितेश सिंह बबलू की हत्या लखनपुर निवासी गिरधारी विश्वकर्मा उर्फ डॉक्टर ने की थी। यह दावा करते हुए आठ महीने पुराने इस हत्याकांड को लेकर पुलिस की ओर से बदमाश गिरधारी पर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस टीमें अब गिरधारी की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं।
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30 सितंबर 2019 को सदर तहसील परिसर में दिनदहाड़े .30 और .32 बोर की पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग कर सारनाथ थाना के मवाइयां क्षेत्र निवासी नितेश सिंह बबलू की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने वारदात की तफ्तीश शुरू की तो सामने आया कि बनारस में रह रहे एक सफेदपोश माफिया सिंडिकेट के बैनर तले इकट्ठा हो चुके पूर्वांचल के सफेदपोशों की शह पर लखनपुर निवासी शूटर ने अपने साथी बदमाश के साथ नितेश की हत्या की है। हत्या की वजह यह बताई गई कि बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद अलग-थलग पड़े लखनऊ निवासी रसूखदार के साथ नितेश जुड़ गया था। लखनऊ निवासी रसूखदार और जौनपुर निवासी सफेदपोश में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से अनबन चल रही है। इसी वजह से जौनपुर निवासी सफेदपोश को नितेश का लखनऊ निवासी रसूखदार से जुड़ना रास नहीं आया। पुलिस महकमे से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्र बताते हैं कि इसी रार में जौनपुर निवासी सफेदपोश ने वर्चस्व की लड़ाई को लेकर अपने शूटर गिरधारी से नितेश की हत्या करा दी। वारदात को अंजाम देने में राजनीतिक संरक्षण के लिए वाराणसी और चंदौली निवासी सफेदपोशों की भी मदद ली गई थी। नितेश की हत्या की तफ्तीश के लंबे समय बाद बीते चार जून को आईजी रेंज विजय सिंह मीना ने गिरधारी पर 50 हजार का इनाम घोषित किया। इस संबंध में एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसी कैमरों की फुटेज के आधार पर बदमाश को चिह्नित कर उस पर इनाम घोषित किया गया है। पूरी उम्मीद है कि बदमाश जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होगा और पूछताछ में यह सामने आएगा कि वारदात को अंजाम देने में, साजिश रचने में और सहयोग करने में कौन-कौन शामिल रहा।
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अंतरजनपदीय बदमाश है गिरधारी, रहता है सफेदपोशों के संरक्षण में
चोलापुर थाने के लखनपुर का निवासी गिरधारी विश्वकर्मा उर्फ डॉक्टर मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना थाने के भदीड़ में मौजूदा समय में ठिकाना बनाया हुआ है। उसके खिलाफ वाराणसी, जौनपुर, आजमगढ़ और मऊ सहित पूर्वांचल के अन्य जिलों के साथ ही बिहार व झारखंड में हत्या और हत्या का प्रयास जैसे गंभीर आरोपों में डेढ़ दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार गिरधारी को जौनपुर, वाराणसी, चंदौली और आजमगढ़ के सफेदपोशों का संरक्षण प्राप्त है। शातिर गिरधारी अपने ठिकाने बदलता रहता है और उसकी भनक किसी को नहीं लग पाती है।
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तो क्या पुलिस ने ही की देरी, क्राइम ब्रांच प्रभारी का हो गया था तबादला
गिरधारी पर 50 हजार का इनाम घोषित होने की जानकारी मिलने पर अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी तरीके से काम करने वाले जिले और आसपास के जनपदों के पुलिसकर्मियों के बीच एक बात को लेकर खासी चर्चा रही। उनका कहना था कि नितेश की हत्या में गिरधारी की संलिप्तता तो तत्कालीन क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह ने वारदात के कुछ दिन बाद ही उजागर कर दी थी। यह बात तत्कालीन पुलिस अधिकारियों को भी पता थी। उस दौरान उन्हें सफेदपोशों ने देख लेने की धमकी दी थी और आननफानन में विक्रम सिंह का तबादला प्रशासनिक आधार पर मैनपुरी कर दिया गया था। वारदात के तकरीबन आठ माह बाद उसी गिरधारी को लेकर सक्रिय हुई पुलिस ने कहीं देरी तो नहीं कर दी। उधर, शिवपुर थानाध्यक्ष नागेश कुमार सिंह और जिले की क्राइम ब्रांच पूरे दमखम के साथ लगी हुई है कि किसी तरह से गिरधारी गिरफ्त में आ जाए।
तो क्या शिकंजा कसे जाने पर सक्रिय हुई पुलिस
हाल के दिनों में पूर्वांचल के एक सफेदपोश पर शासन स्तर की सख्ती के बाद पुलिस ने शिकंजा कसा था। फिलहाल वह सफेदपोश सलाखों के पीछे है। पुलिस महकमे में चर्चा है कि सफेदपोश पर शिकंजा कसते ही पुलिस उसके संरक्षण में रह रहे बदमाशों पर भी सख्ती शुरू कर दी है। अब परिणाम जो भी हो, लेकिन गिरधारी पर घोषित 50 हजार के इनाम ने पूर्वांचल के सफेदपोशों व उनसे जुड़े लोगों और जरायम जगत को एक नई चर्चा का मौका तो दे ही दिया है।

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सीएम के आगमन और समीक्षा को देखकर पुलिस आई हरकत में
पुलिस यदि किसी पॉकेटमार को भी गिरफ्तार करती है तो उसकी लंबी-चौड़ी प्रेस विज्ञप्ति जारी करती है। लेकिन, गिरधारी के मामले में ऐसा नहीं हुआ। उस पर 25 हजार का इनाम कब घोषित हुआ और कब वह बढ़ कर 50 हजार हो गया, इसकी भनक तक किसी को नहीं लगी। सूत्र बताते हैं कि सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कानून व्यवस्था की समीक्षा के मद्देनजर आननफानन में गिरधारी पर इनाम बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
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