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Nirbhaya case: निर्भया के गांव में आज होली, रातभर जागेंगे दादा और चाचा

Fri, 20 Mar 2020 03:33 AM IST
संजीव कुमार झा अमर उजाला नेटवर्क, नरही (बलिया)
अमर उजाला नेटवर्क, नरही (बलिया) Published by: संजीव कुमार झा Updated Fri, 20 Mar 2020 03:33 AM IST
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Nirbhaya Case Updates Latest, Holi at Nirbhaya  village, grandfather and uncle will stay awake overnight
निर्भया केस - फोटो : अमर उजाला

निर्भया के दरिंदों की फांसी टलने के सभी रास्ते बंद होने की जानकारी होने के बाद  गुरुवार शाम से ही निर्भया के गांव में होली मनाने की तैयारियां शुरू हो गई थी। उधर, निर्भया के बाबा और चाचा ने रातभर जागने की घोषणा कर दी, ताकि सुबह फांसी होने की सटीक जानकारी पा सकें।

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निर्भया के गांव के समाजसेवी अश्वनी पांडेय ने बताया कि गुरुवार शाम से ही गांव में अबीर-गुलाल, मिठाई आदि खरीदने की शुरूआत हो गई थी ताकि दरिंदों को फांसी चढ़ने के बाद गांव में होली मनाई जा सके। पांडेय ने कहा कि जिस घड़ी का हम लोगों को बेसब्री से इंतजार था, वह करीब आ गई।
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हमें पूरी उम्मीद है कि शुक्रवार सुबह सभी दरिंदे फांसी पर लटका दिए जाएंगे। हमें जैसे ही इसकी सूचना मिलेगी, पूरा गांव एक साथ मिलकर अबीर-गुलाल के साथ होली का जश्न मनाएगा। इससे देश में यह संदेश भी जाएगा कि दरिंदगी का परिणाम अंतत: फांसी ही होती है, आप बचने का चाहे जितना प्रयास कर लें, बच नहीं सकते।

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कहा था... मां, दरिदों को सजा जरूर दिलाना

निर्भया जब सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही थी, तभी उसने मां से कहा था- मां मैं अभी जीना चाहती हूं। उसकी मां को उसके ये शब्द आज भी कचोटते हैं। वह बताती हैं कि उन्होंने कहा था, बेटी तू जरूर जीएगी, तो उसने कहा था कि मां यदि मैं नहीं बची तो दरिंदों को सजा जरूर दिलाना, उन्हें उनके किए की सजा मिलनी ही चाहिए, यह कहते हुए मां आज भी रो पड़ती हैं।

वह कहती हैं कि बेटी के इन अंतिम शब्दों को पूरा कराने के लिए ही उन्होंने पति के संग कंधे से कंधा मिलाकर निर्भया के लिए न्याय की लड़ाई में उनका साथ दिया। आज दरिंदों को फांसी पर लटकाने का समय आ गया है। पिता यह कहते हुए फफक पड़ते हैं कि जिस बेटी को डॉक्टर बनाने का सपना संजोया था, उसकी अर्थी को कंधा देना मेरी जिंदगी का सबसे दुखद पल था।

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