वाराणसी में नाइट कर्फ्यू : सभी स्कूल कॉलेज बंद, रात नौ बजे के बाद घर से निकलने पर रोक
वाराणसी में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर प्रशसान ने लिया फैसला।
हर दिन निकल रहे 500 से ज्यादा कोरोना मरीज।
अगले एक सप्ताह तक सभी स्कूल, कॉलेज और महाविद्यालय बंद किए गए।
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विस्तार
वाराणसी में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। नाइट कर्फ्यू की घोषणा कर दी गई है। अगले एक सप्ताह के लिए सभी स्कूल, कॉलेज और महाविद्यालय बंद कर दिए गए हैं।
रात नौ बजे के बाद घर से निकलने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। घाटों पर होने वाली आरतियां अब सूक्ष्म रूप में होंगी और आमलोग शामिल नहीं हो पाएंगे। राजनीतिक, सामाजिक और अन्य कार्यक्रमों पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह आदेश आठ अप्रैल (गुरुवार) से प्रभावी हो गया है।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि गुरुवार की रात 9.00 बजे से सुबह तक नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। चिकित्सा, नर्सिंग एवं पैरा मेडिकल संस्थानों को छोड़ कर सभी सरकारी, गैर सरकारी, निजी विद्यालय, महाविद्यालय, शैक्षणिक संस्थान और कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे। केवल परीक्षा और प्रैक्टिकल परीक्षा के समय में विद्यालय या महाविद्यालय खोलने की छूट होगी।
समाजाकि आयोजनों पर दिशा-निर्देश
परिवार के आंतरिक घरेलू सामाजिक आयोजनों और पारंपरिक धार्मिक आयोजनों को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार के राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक, मिलन समारोह आदि पर रोक लगाई गई है। धार्मिक स्थलों और परिवार के सामाजिक आयोजनों की अनुमति भी सुबह 6:00 बजे से रात 9:00 बजे तक के लिए दी गई है। जहां बंद भवन के आयोजन में अधिकतम 100 लोग, खुले स्थानों के परिसरों में अधिकतम 200 लोग ही मौजूद रह सकेंगे। इससे ज्यादा अगर लोग मिलते हैं, तो प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
पंचायत चुनावों और पार्क खोलने पर निर्देश
पंचायत चुनावों में प्रचार को लेकर सख्त हिदायत दी गई है कि प्रचार के समय एक साथ पांच व्यक्तियों से ज्यादा इकट्ठा नहीं हो सकते। विकास प्राधिकरण, नगर निगम, खेल विभाग और अन्य विभागों के साथ ही निजी पार्क और स्टेडियम छह बजे ही खोले जाएंगे।
इन जगहों पर हेल्प डेस्क लगानी होगी
वाराणसी के सभी सरकारी, निजी कार्यालय, केंद्रीय सरकार और विभागों के कार्यालय, निजी चिकित्सालय, मॉल, होटल, रेस्टोरेंट, बड़े धार्मिक स्थल, दुकानों पर एक कोविड हेल्प डेस्क लगानी जरूरी है। जहां ज्यादा कर्मचारी या लोगों का आना जाना हो। इस हेल्प डेस्क पर यूपी सरकार और चिकित्सा विभाग द्वारा जारी कोविड-19 पोस्टर के साथ कोरोना को लेकर सामान्य जानकारी लगानी जरूरी है। इसके साथ ही हेल्प डेस्क पर शिफ्ट के हिसाब से कर्मचारियों को ड्यूटी लगाई जाएगी, जो आने वाले कर्मचारी और व्यक्ति का तापमान और ऑक्सीजन लेवल चेक करेंगे।
कर्मचारी पूरी तरह से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करेंगे। वह मास्क, ग्लब्स पहने रहेंगे। कोविड हेल्प डेस्क पर सैनिटाइजर, थर्मल, स्कैनर और पल्स ऑक्सीमीटर की सुविधा मौजूद रहेगी।
घर से बाहर निलते समय पहनना होगा मास्क
पूरे जिले में हर व्यक्ति को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। सात ही मास्क लगाना होगा। अगर इन नियमों का कोई उल्लंघन करते पाया जाता है तो उस पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
आवश्यक सेवाओं को प्रतिबंध से रियायत
रात को कर्फ्यू में दूध, सब्जी मंडी, दवा की दुकानों के लिए में छूट दी गई है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों से आने वाले यात्रियों के आवागमन पर रोक नहीं है, लेकिन उन्हें अपना टिकट जरूर दिखाना होगा। आवश्यक कार्य से आने वालों को भी रियायत दी गई है। रात की शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारी और मालवाहक गाड़ियों को भी प्रतिबंध से छूट दी गई। यात्रियों को टिकट और कर्मचारियों को संस्थान का आईकार्ड साथ में रखना होगा।