{"_id":"59e4dc2e4f1c1bc8678b6368","slug":"newborn-death-due-to-lack-of-treatment","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सोनभद्र में डॉक्टर ने इसांनियत को किया शर्मसार, नवजात की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोनभद्र में डॉक्टर ने इसांनियत को किया शर्मसार, नवजात की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Mon, 16 Oct 2017 09:49 PM IST
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प्रतीकात्मक चित्र: नवजात शिशु
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सोनभद्र जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोरावल में उपचार के अभाव में एक नवजात की मौत हो गई। घरवाले डॉक्टर को उठाने के लिए उसका दरवाजा पीटते रहे, लेकिन उसने दरवाजा नहीं खोला।
घरवाले नवजात को लेकर जिला अस्पताल रवाना हुए लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। रविवार सुबह 11 बजे घोरावल कोतवाली के कुंडा गांव निवासी समिता (25) पत्नी दिनेश को प्रसव पीड़ा उठी।
परिजन समिता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोरावल ले गए। यहां रात करीब सवा नौ बजे समिता ने एक बालक को जन्म दिया। रात 11 बजे नवजात की तबियत बिगड़ने लगी।
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इसकी जानकारी परिवारीजन ने डॉ. गुरु प्रसाद मौर्य को दी तो उन्होंने नवजात को तीन इंजेक्शन लगाए और सेंकाई की। डाक्टर ने कहा कि अब यह ठीक है। इसके बाद परिवारीजन बच्चे को जच्चा के पास ले गए।
रात में करीब दो बजे नवजात की हालत पुन: खराब होने लगी। उस समय अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी में न कोई डाक्टर था और न ही कोई अन्य स्टाफ। बच्चे की हालत गंभीर देख परिवारीजन इलाज करने वाले डाक्टर गुरु प्रसाद मौर्य को बुलाने उनके कमरे पर गए।
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घरवाले नवजात को लेकर जिला अस्पताल रवाना हुए लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। रविवार सुबह 11 बजे घोरावल कोतवाली के कुंडा गांव निवासी समिता (25) पत्नी दिनेश को प्रसव पीड़ा उठी।
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परिजन समिता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोरावल ले गए। यहां रात करीब सवा नौ बजे समिता ने एक बालक को जन्म दिया। रात 11 बजे नवजात की तबियत बिगड़ने लगी।
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इसकी जानकारी परिवारीजन ने डॉ. गुरु प्रसाद मौर्य को दी तो उन्होंने नवजात को तीन इंजेक्शन लगाए और सेंकाई की। डाक्टर ने कहा कि अब यह ठीक है। इसके बाद परिवारीजन बच्चे को जच्चा के पास ले गए।
रात में करीब दो बजे नवजात की हालत पुन: खराब होने लगी। उस समय अस्पताल में इमरजेंसी ड्यूटी में न कोई डाक्टर था और न ही कोई अन्य स्टाफ। बच्चे की हालत गंभीर देख परिवारीजन इलाज करने वाले डाक्टर गुरु प्रसाद मौर्य को बुलाने उनके कमरे पर गए।
परिजनों ने किया हंगामा
यूपी 100
- फोटो : अमर उजाला
उनका आरोप है कि बार-बार दरवाजा पीटने पर भी डाक्टर ने दरवाजा नहीं खोला और मोबाइल भी नहीं उठाया। घबराए परिवारीजन घंटों अस्पताल में इधर उधर दौड़ते रहे, लेकिन कोई नवजात को देखने नहीं गया।
भोर में चार बजे बाइक से नवजात को लेकर जिला अस्पताल के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। नवजात शिशु की मौत से आक्रोशित परिजन वापस सीएचसी पहुंचे और हंगामा करने लगे।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। उधर डॉ. गुरुप्रसाद मौर्य का कहना है कि भोर में किसी ने मेरे कमरे का दरवाजा नहीं पीटा।
उनके ऊपर लगाया गया आरोप गलत है। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि नवजात की मौत की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे कार्यवाही की जाएगी।
भोर में चार बजे बाइक से नवजात को लेकर जिला अस्पताल के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। नवजात शिशु की मौत से आक्रोशित परिजन वापस सीएचसी पहुंचे और हंगामा करने लगे।
सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। उधर डॉ. गुरुप्रसाद मौर्य का कहना है कि भोर में किसी ने मेरे कमरे का दरवाजा नहीं पीटा।
उनके ऊपर लगाया गया आरोप गलत है। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि नवजात की मौत की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे कार्यवाही की जाएगी।