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पूर्व सीएम अखिलेश पहुंचे इस नेता के घर, पूर्वांचल की राजनीति में बही नई बयार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 16 Feb 2018 11:11 PM IST
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कभी धुर राजनीतिक विरोधी रहे ओपी के पिता की तेरही में पहुंचे अखिलेश
- फोटो : अमर उजाला
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गाजीपुर में हुए राजनीतिक जमावड़े में एक चर्चा आम थी कि अखिलेश ने आखिर ‘चरखा दांव’ लगा ही दिया। अखिलेश यादव शुक्रवार को यहां पूर्व मंत्री और कद्दावर नेता ओमप्रकाश सिंह के पिता की त्रयोदशाह में आए थे। मुलायम सिंह यादव और अखिलेश के बीच चली राजनीतिक उठा-पटक के बाद यह पहला अवसर था जब अखिलेश ओमप्रकाश सिंह के गांव पहुंचे थे।
अवसर भले ही त्रयोदशाह का था लेकिन अखिलेश की इस यात्रा ने यह साफ कर दिया वह और मुलायम सिंह एक हैं। चाहे दोनों के प्रबल समर्थक एक-दूसरे के खिलाफ जितना भी जोर लगाएं। लोग वह दौर भूले नहीं हैं जब पूर्वांचल के कद्दावर सपाई तत्कालीन सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के पाले में खड़े थे और अखिलेश यादव की राजनीति को उखाड़ फेंकने का पुरजोर प्रयास कर रहे थे।
चाहे वह पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी हो, नारद राय अथवा पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह सभी अखिलेश के राजनीतिक वट वृक्ष को उखाड़ फेंकने के लिए पूरा दमखम लगाए हुए थे। उस समय रामगोविंद चौधरी, पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह, विधायक सुभाष पासी, विरेंद्र यादव सहित चंद नेता अखिलेश के पक्ष में खड़े थे। बाद के समझौते में ओमप्रकाश सिंह को टिकट जरूर मिला, लेकिन तब भी तल्खी इतनी थी कि अखिलेश यहां चुनावी सभा तक करने नहीं आए थे।
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मुलायम सिंह यादव की सभा के दम पर ओमप्रकाश ने चुनाव लड़ा और वह चुनाव हार गए। लेकिन मुलायम सिंह यादव के काफी करीबी माने जाने वाले ओम प्रकाश सिंह के पिता की तेरही में मुलायम सिंह का न आना और अखिलेश सिंह का आना यहां के राजनीतिक गलियारे में नई चर्चा को जन्म दे गया है।
मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक जमीन पर अखिलेश का चरखा दांव आने वाले 2019 के चुनाव में असरकारी रंग बिखेरेगा। देखा जाए तो पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह के पिता के निधन के बाद कुछ दिन पहले तक यह भी चर्चा जोरों पर थी कि ओमप्रकाश सिंह के यहां मुलायम सिह और शिवपाल सिंह यादव जरूर आएंगे लेकिन अखिलेश यादव के आने की तिथि तय होते ही इन अटकलों पर विराम लग गया।
शुक्रवार को वह सबकुछ देखने को मिला जिसकी पुराने सपाइयों को उम्मीद नहीं थी।
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अवसर भले ही त्रयोदशाह का था लेकिन अखिलेश की इस यात्रा ने यह साफ कर दिया वह और मुलायम सिंह एक हैं। चाहे दोनों के प्रबल समर्थक एक-दूसरे के खिलाफ जितना भी जोर लगाएं। लोग वह दौर भूले नहीं हैं जब पूर्वांचल के कद्दावर सपाई तत्कालीन सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के पाले में खड़े थे और अखिलेश यादव की राजनीति को उखाड़ फेंकने का पुरजोर प्रयास कर रहे थे।
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चाहे वह पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी हो, नारद राय अथवा पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह सभी अखिलेश के राजनीतिक वट वृक्ष को उखाड़ फेंकने के लिए पूरा दमखम लगाए हुए थे। उस समय रामगोविंद चौधरी, पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह, विधायक सुभाष पासी, विरेंद्र यादव सहित चंद नेता अखिलेश के पक्ष में खड़े थे। बाद के समझौते में ओमप्रकाश सिंह को टिकट जरूर मिला, लेकिन तब भी तल्खी इतनी थी कि अखिलेश यहां चुनावी सभा तक करने नहीं आए थे।
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मुलायम सिंह यादव की सभा के दम पर ओमप्रकाश ने चुनाव लड़ा और वह चुनाव हार गए। लेकिन मुलायम सिंह यादव के काफी करीबी माने जाने वाले ओम प्रकाश सिंह के पिता की तेरही में मुलायम सिंह का न आना और अखिलेश सिंह का आना यहां के राजनीतिक गलियारे में नई चर्चा को जन्म दे गया है।
मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक जमीन पर अखिलेश का चरखा दांव आने वाले 2019 के चुनाव में असरकारी रंग बिखेरेगा। देखा जाए तो पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह के पिता के निधन के बाद कुछ दिन पहले तक यह भी चर्चा जोरों पर थी कि ओमप्रकाश सिंह के यहां मुलायम सिह और शिवपाल सिंह यादव जरूर आएंगे लेकिन अखिलेश यादव के आने की तिथि तय होते ही इन अटकलों पर विराम लग गया।
शुक्रवार को वह सबकुछ देखने को मिला जिसकी पुराने सपाइयों को उम्मीद नहीं थी।
गॉर्ड ऑफ ऑनर लेने से कर दिया मना
कभी धुर राजनीतिक विरोधी रहे ओपी के पिता की तेरही में पहुंचे अखिलेश
- फोटो : अमर उजाला
सपा मुखिया के विशेष विमान ने सुबह ठीक सवा दस बजे लैंड किया। हवाई पट्टी पर प्रशासन की ओर से गॉड ऑफ ऑनर की तैयारी थी लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री ने साग्रह मना कर दिया और जवानों से हाथ मिलाते हुए उनकी पीठ थपथपाई। उसके बाद वह पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह के पिता स्व.गया प्रसाद सिंह के त्रयोदशाह में भाग लेने के लिए सेवराईं रवाना हो गए।
जिताऊ में चेहरे को मिलेेगा मौका
आगामी लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि हर सीट पर कई साथियों ने टिकट के लिए आवेदन दिया है लेकिन पार्टी जिताऊ चेहरे को ही मौका देगी।
पहले लोकसभा के लिए गोरखपुर तथा फूलपुर सीट के उप चुनाव को लेकर सपा का नहीं भाजपा की प्रतिष्ठा दाव पर लगी है। सपा दोनों सीटों पर अपना पूरा दमखम दिखाएगी।
सपा मुुखिया से मिलने की आस लिए हवाई पट्टी पहुंचे सैकड़ों सपा कार्यकर्ता पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व अति उत्साहित हो गए और हवाई पट्टी की सुरक्षा व्यवस्था को भेदते हुए मुख्य गेट को जबरदस्ती खोलकर अंदर घुस गए। उन्हें शांत करने में एसपीजी और पुलिस अधिकारियों को काफी समय लगा। सभी को बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद विशेष विमान नीचे उतरा।