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Varanasi News: बनेंगे नए घाट, बढ़ेगी काशी की खूबसूरती
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उत्तरवाहिनी तट पर दुनिया का मन मोहने वाले अद्धचंद्राकार घाटों की खूबसूरती और बढ़ेगी। रविदास घाट से लेकर आगे तक के कच्चे घाटों को अर्धचंद्राचार घाटों की शृंखला का हिस्सा बनाया जाएगा। कच्चे घाटों के कायाकल्प के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय की पहल पर बृहद कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसमें रविदास घाट के बाद वाले कच्चे घाटों को पक्का किया जाएगा। इसे पर्यटकों के लिहाज से खूबसूरत बनाया जाएगा।
गंगा में जल परिवहन का प्रमुख केंद्र बन चुके रविदास घाट पर बढ़ रही यात्रियों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए उसके आगे के कच्चे घाटों को विकसित किया जाएगा। पिछले दिनों प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डाॅ. पीके मिश्र ने रविदास घाट का दौरा किया था और यहां की विकास संभावनाओं पर चर्चा भी की थी। दरअसल, रविदास घाट को पूर्ण रूप से विकसित करने की योजना बन चुकी है। मगर, वाराणसी में जल परिवहन के बढ़ते क्रेज को देखते हुए रविदास घाट के पास के करीब तीन से चार घाट को पक्का कर जल परिवहन के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन कच्चे घाटों को पक्का करने और वहां सुविधाएं विकसित करने के लिए विभाग को नोडल बनाकर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करेगा।
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नए घाटों से कम होगा पुराने घाटों पर पर्यटकों का दबाव
काशी विश्वनाथ धाम के नए स्वरूप के लोकार्पण के बाद वाराणसी में सैलानियों की संख्या में कई गुना का इजाफा हो गया है। काशी आने वाले पर्यटक का पसंदीदा ठिकाना गंगा घाट भी होते हैं। वर्तमान में अस्सी, दशाश्वमेध और नमो घाट पर ही पर्यटकों का दबाव ज्यादा रहता है। नए घाटों के निर्माण से पर्यटकों का दबाव कम होगा। पिछले वर्ष ही बनकर तैयार नमो घाट इस वक्त सैलानियों के लिए पसंदीदा डेस्टिनेशन बन चुका है।
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कच्चे घाटों को पक्का करने के लिए विभागों से समन्वय किया जा रहा है। कुछ घाटों को चिन्हित कर उनकी कार्ययोजना बनाई जाएगी और शासन से मंजूरी के बाद उन पर काम किया जाएगा। - एस राजलिंगम, जिलाधिकारी
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गंगा में जल परिवहन का प्रमुख केंद्र बन चुके रविदास घाट पर बढ़ रही यात्रियों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए उसके आगे के कच्चे घाटों को विकसित किया जाएगा। पिछले दिनों प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डाॅ. पीके मिश्र ने रविदास घाट का दौरा किया था और यहां की विकास संभावनाओं पर चर्चा भी की थी। दरअसल, रविदास घाट को पूर्ण रूप से विकसित करने की योजना बन चुकी है। मगर, वाराणसी में जल परिवहन के बढ़ते क्रेज को देखते हुए रविदास घाट के पास के करीब तीन से चार घाट को पक्का कर जल परिवहन के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन कच्चे घाटों को पक्का करने और वहां सुविधाएं विकसित करने के लिए विभाग को नोडल बनाकर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करेगा।
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नए घाटों से कम होगा पुराने घाटों पर पर्यटकों का दबाव
काशी विश्वनाथ धाम के नए स्वरूप के लोकार्पण के बाद वाराणसी में सैलानियों की संख्या में कई गुना का इजाफा हो गया है। काशी आने वाले पर्यटक का पसंदीदा ठिकाना गंगा घाट भी होते हैं। वर्तमान में अस्सी, दशाश्वमेध और नमो घाट पर ही पर्यटकों का दबाव ज्यादा रहता है। नए घाटों के निर्माण से पर्यटकों का दबाव कम होगा। पिछले वर्ष ही बनकर तैयार नमो घाट इस वक्त सैलानियों के लिए पसंदीदा डेस्टिनेशन बन चुका है।
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कच्चे घाटों को पक्का करने के लिए विभागों से समन्वय किया जा रहा है। कुछ घाटों को चिन्हित कर उनकी कार्ययोजना बनाई जाएगी और शासन से मंजूरी के बाद उन पर काम किया जाएगा। - एस राजलिंगम, जिलाधिकारी