वाराणसी: न मालिक आया, न नीलामी हुई, 30 थानों में धूल फांक रहीं 1600 से ज्यादा गाड़ियां; लिखे हैं फर्जी पद-ओहदे
जिले के 30 थानों में 1600 से अधिक लावारिस और जब्त वाहन लंबे समय से धूल फांक रहे हैं। न तो इनके मालिक सामने आ रहे हैं और न ही नीलामी की प्रक्रिया पूरी हो रही है। थानों में जगह कम पड़ने पर कई वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए गए हैं। इनमें कुछ गाड़ियों पर फर्जी पद और ओहदे भी लिखे हैं।
विस्तार
मालिक गायब, नंबर फर्जी, नीलामी ठप। 30 थानों में अपराधियों, नियम तोड़ने वालों व फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चलने समेत अन्य मामलों में की गई पुलिस की कार्रवाई के बाद थानों में वाहनों का ढेर लगा है।
1600 से ज्यादा बाइक और कारें लंबे समय से धूल फांक रही हैं। इनमें कुछ वाहन ऐसे भी हैं, जो वर्षों से थानों और पुलिस परिसर में खड़े हैं। समय बीतने के साथ कई वाहन कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं, लेकिन न तो इनके मालिक सामने आए और न ही इनकी नीलामी की प्रक्रिया पूरी हो सकी। थानों में जगह कम पड़ी तो कई वाहनों को सड़क किनारे खड़ा कर दिया गया है।
लावारिस, जब्त व अपराध में पकड़े गए दोपहिया से लेकर चारपहिया तक शामिल हैं। इनमें दुर्घटनाओं, चोरी के मामलों में बरामद और लंबे समय से दावा न किए गए वाहन भी हैं। कई वाहनों पर नंबर प्लेट गायब है तो कुछ पर अलग-अलग तरह के नाम और पद लिखे मिले हैं। पुलिस की जांच में ऐसे वाहनों पर लिखा ओहदा भी फर्जी निकला। इससे वाहनों की वास्तविक पहचान और उनके मालिक तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है।
थानों में लंबे समय से खड़े वाहनों की वजह से परिसर का बड़ा हिस्सा घिरा हुआ है। बारिश, धूप और खुले में खड़े रहने से इनके पुर्जे और बॉडी खराब हो रही है। कुछ वाहन अब चलने की स्थिति में भी नहीं हैं। पुलिसकर्मियों के लिए इन्हें सुरक्षित रखना भी चुनौती है।
नियमों के तहत लावारिस वाहनों की पहचान और वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके निस्तारण या नीलामी का प्रावधान है। समय-समय पर नीलामी प्रक्रिया पूरी कराई जाती है। जल्द ही सभी वाहनों का निस्तारण किया जाएगा। - शिवहरी मीणा, एडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर
- प्रेस लिखी 36 बाइक
- पुलिस लिखी 33 बाइक
- सरकारी विभाग लिखी 100 बाइक
- जाति, ओहदा और पद लिखी 122 बाइक
- 200 बाइक जिनका
- रजिस्ट्रेशन फेल
- सड़क हादसों व अपराध में प्रयुक्त व बिना दस्तावेज 40 चारपहिया वाहन
- फर्जी नंबर प्लेट में 11 से ज्यादा बाइक
इन थानों में पड़ी हैं गाड़ियां
- चेतगंज थाना अंतर्गत नाटी इमली में 70 से ज्यादा दोपहिया व छह चारपहिया वाहन कई महीनों से पड़े हैं। न तो इनके मालिक कभी सामने आए और न ही निस्तारण की प्रक्रिया पूरी हुई।
- सिगरा थाना मुख्य मार्ग से वीसी आवास की तरफ 100 से ज्यादा बाइक व छह से ज्यादा चारपहिया वाहन खड़े हैं। चारपहिया वाहन एक दशक से वहीं हैं और कबाड़ हो चुके हैं।
- कैंट थाना परिसर के बाहर कार्रवाई के दौरान पकड़े गए 40 से ज्यादा वाहन खड़े हैं। निस्तारण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई।
- शिवपुर थाना परिसर के बाहर 60 से ज्यादा वाहन खड़े हैं। यहां आवागमन को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
- लंका थाने के बाहर और अंदर 20 की संख्या में जब्त वाहन खड़े हैं। कार्रवाई में एक से तीन साल पुराने वाहन भी हैं।
- चौक और कोतवाली थाने में जब्त वाहनों की संख्या ज्यादा है। आदमपुर और जैतपुरा की स्थिति भी यही है।
- ग्रामीण थानों चोलापुर, सिंधौरा, चौबेपुर और लोहता में बड़ी संख्या में अभियान के दौरान जब्त वाहन खड़े हैं।
पुलिस, प्रेस, अधिवक्ता और सरकारी विभाग लिखे वाहन भी : पुलिस, प्रेस, अधिवक्ता और सरकारी विभाग का स्टीकर चस्पा कर चलने वाले वाहनों को भी अभियान के दौरान पुलिस ने पकड़ा। इसके बाद कोई दावा करने नहीं पहुंचा। पुलिस ने जब इन वाहनों की गहनता से जांच की तो पता चला कि वाहन स्वामियों ने फर्जी तरीके से ये नाम और पद लिखवाए थे। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि ऐसे वाहन स्वामियों ने पुलिस से बचने के लिए यह तरकीब निकाली थी। वाहनों का फिटनेस, रजिस्ट्रेशन तक समाप्त हो गया था।