नाला सफाई में लापरवाही: यही हाल रहा तो बारिश में डूबेंगे बनारस की सड़कें और गलियां
नाला सफाई में लापरवाही का यही हाल रहा तो इस बार बारिश में बनारस की सड़कें व गलियां डूब सकती हैं। महमूरगंज, सिगरा, रथयात्रा मलदहिया, फातमान, पांडेयपुर, नई बस्ती, आदि इलाकों में नाले की सफाई का इंतजार हो रहा है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बारिश के पूर्व की तैयारियों में जुटे हैं। नाला सफाई को लेकर वे काफी गंभीर हैं। अप्रैल बीतने को है, बावजूद इसके वाराणसी में अब तक नाला सफाई का काम शुरू नहीं हुआ है। 15 जून से मानसून आता है। इस बार जिस प्रकार से गर्मी पड़ रही है। उस हिसाब से मौसम वैज्ञानिक भारी बारिश का अनुमान लगा रहे हैं।
यही हाल रहा तो इस बार बारिश में बनारस की सड़कें व गलियां डूब सकती हैं। महमूरगंज, सिगरा, रथयात्रा मलदहिया, फातमान, पांडेयपुर, नई बस्ती, आदि इलाकों में नाले की सफाई का इंतजार हो रहा है। कोरोना के कारण पिछले दो वर्षों में नगर निगम 60 लाख रुपये से नालों की सफाई करवाई थी। इस बार टेंडर प्रक्रिया की गई है।
नगर आयुक्त प्रणय सिंह ने कहा कि नाला सफाई के लिए टेंडर निकाला गया था। इसमें किसी ने भाग नहीं लिया है। कार्ययोजना बनाकर सफाई जल्द शुरू कराएंगे।-
चौकाघाट नाले में झाड़ियां उगी
यहां नाले के आसपास झाड़ियां उगी र्हुइं हैं। यही हाल रहा तो बारिश में आसपास के घरों में नाले का पानी जाना तय है। वहीं रनिया महाल से निकला नाला पूरी तरह खुला है। इस कारण उसमें कचरा भर रहा है। बारिश से पहले सफाई नहीं हुई तो काफी दिक्कत होगी। सिगरा से स्मिथ स्कूल जाने वाले मार्ग पर कई जगहों पर नाले खुले हैं और कई जगहों पर ढंके हैं। इन नालों की अब तक सफाई नहीं हुई।
महमूरगंज में भरा नाला
महमूरगंज इलाके में नाला भरा पड़ा है। यहां हर साल बारिश में घुटनों तक पानी लगता है। अब तक यहां के बड़े नालों की सफाई नहीं हुई है।