{"_id":"6a5fd4a3fe1fc100c907a2fa","slug":"negligence-in-ayushman-bharat-varanasi-slips-to-place-in-the-state-varanasi-news-c-20-vns1022-1475731-2026-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: आयुष्मान भारत में लापरवाही, प्रदेश में 71वें पायदान पर खिसका वाराणसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: आयुष्मान भारत में लापरवाही, प्रदेश में 71वें पायदान पर खिसका वाराणसी
विज्ञापन
शहर से लेकर गांवों तक आयुष्मान की सुस्त चाल, वय वंदन योजना से वंचित बुजुर्ग, चोलापुर और अर्बन क्षेत्र सबसे बेहाल
आराजीलाइन नंबर-1, तो काशी विद्यापीठ अंतिम पायदान पर
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। आयुष्मान कार्ड बनाने में वाराणसी को प्रदेश में 71वां स्थान मिला है। स्वास्थ्य विभाग की हालिया रिपोर्ट इसकी पुष्टि करती है। जिला स्वास्थ्य समिति की जून 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, आयुष्मान कार्ड बनाने में आराजीलाइन ब्लॉक 97.17% के साथ सबसे बेहतर स्थिति में है, जबकि काशी विद्यापीठ (87.39%) सबसे पिछड़ा हुआ है। शहरी क्षेत्र में 6.07 लाख से अधिक व्यक्तिगत लक्ष्य के मुकाबले केवल 3.92 लाख (64.60%) कार्ड ही बन पाए हैं। इसी सुस्ती के कारण राज्य स्तर की रैंकिंग में जिला 71वें स्थान पर खिसका है और अधिकारियों पर गाज गिरी है।
वय वंदन योजना से वंचित बुजुर्ग
70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए शुरू की गई आयुष्मान वय वंदन योजना के तहत भी जिले में पात्र वरिष्ठ नागरिकों की एक बहुत बड़ी संख्या अब तक इस स्वास्थ्य सुरक्षा कवच से वंचित पड़ी हुई है। जिले में परिवारों को कम से कम एक कार्ड तो मिल गया है, लेकिन जब परिवार के कुल सदस्यों के आधार पर कार्ड बनाने की बात आती है, तो जिले का कोई भी ब्लॉक 78% से आगे नहीं बढ़ पाया है।
कम लक्ष्य पूर्ति वाले ब्लाकों/क्षेत्रों के आंकड़े
ब्लॉक / क्षेत्र - पारिवारिक लक्ष्य - पारिवारिक उपलब्धि (%) - सदस्य लक्ष्य - व्यक्तिगत उपलब्धि - सदस्य उपलब्धि (%)
काशी विद्यापीठ (सबसे पिछड़ा) - 32,478 - 87.39% - 1,57,434 - 1,06,792 - 67.83%
बड़ागांव - 23,257 - 90.81% - 1,17,832 - 80,195 - 68.06%
चोलापुर - 24,609 - 90.98% - 1,26,817 - 78,867 - 62.19%
शहरी क्षेत्र - 1,07,720 - 91.06% - 6,07,931 - 3,92,715 - 64.60%
चिरईगांव - 28,583 - 92.70% - 1,36,784 - 94,546 - 69.12%
हरहुआ - 27,509 - 92.75% - 1,32,235 - 91,259 - 69.01%
प्रमुख तथ्य
सबसे खराब प्रदर्शन : पारिवारिक आच्छादन में काशी विद्यापीठ (87.39%) जिले में सबसे नीचे है।
व्यक्तिगत स्तर पर न्यूनतम प्रगति : सदस्य स्तर पर चोलापुर (62.19%) और शहरी क्षेत्र (64.60%) में सबसे कम कार्ड बने हैं।
समय-समय पर आयुष्मान योजना की समीक्षा होती है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कोई भी योजना में न छूटे। इस पर और बेहतर तरीके से काम किया जाएगा। - डॉ. एनडी शर्मा, अपर निदेशक, स्वास्थ्य विभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन
आराजीलाइन नंबर-1, तो काशी विद्यापीठ अंतिम पायदान पर
संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। आयुष्मान कार्ड बनाने में वाराणसी को प्रदेश में 71वां स्थान मिला है। स्वास्थ्य विभाग की हालिया रिपोर्ट इसकी पुष्टि करती है। जिला स्वास्थ्य समिति की जून 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, आयुष्मान कार्ड बनाने में आराजीलाइन ब्लॉक 97.17% के साथ सबसे बेहतर स्थिति में है, जबकि काशी विद्यापीठ (87.39%) सबसे पिछड़ा हुआ है। शहरी क्षेत्र में 6.07 लाख से अधिक व्यक्तिगत लक्ष्य के मुकाबले केवल 3.92 लाख (64.60%) कार्ड ही बन पाए हैं। इसी सुस्ती के कारण राज्य स्तर की रैंकिंग में जिला 71वें स्थान पर खिसका है और अधिकारियों पर गाज गिरी है।
वय वंदन योजना से वंचित बुजुर्ग
70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए शुरू की गई आयुष्मान वय वंदन योजना के तहत भी जिले में पात्र वरिष्ठ नागरिकों की एक बहुत बड़ी संख्या अब तक इस स्वास्थ्य सुरक्षा कवच से वंचित पड़ी हुई है। जिले में परिवारों को कम से कम एक कार्ड तो मिल गया है, लेकिन जब परिवार के कुल सदस्यों के आधार पर कार्ड बनाने की बात आती है, तो जिले का कोई भी ब्लॉक 78% से आगे नहीं बढ़ पाया है।
विज्ञापन
कम लक्ष्य पूर्ति वाले ब्लाकों/क्षेत्रों के आंकड़े
ब्लॉक / क्षेत्र - पारिवारिक लक्ष्य - पारिवारिक उपलब्धि (%) - सदस्य लक्ष्य - व्यक्तिगत उपलब्धि - सदस्य उपलब्धि (%)
काशी विद्यापीठ (सबसे पिछड़ा) - 32,478 - 87.39% - 1,57,434 - 1,06,792 - 67.83%
बड़ागांव - 23,257 - 90.81% - 1,17,832 - 80,195 - 68.06%
चोलापुर - 24,609 - 90.98% - 1,26,817 - 78,867 - 62.19%
शहरी क्षेत्र - 1,07,720 - 91.06% - 6,07,931 - 3,92,715 - 64.60%
चिरईगांव - 28,583 - 92.70% - 1,36,784 - 94,546 - 69.12%
हरहुआ - 27,509 - 92.75% - 1,32,235 - 91,259 - 69.01%
प्रमुख तथ्य
सबसे खराब प्रदर्शन : पारिवारिक आच्छादन में काशी विद्यापीठ (87.39%) जिले में सबसे नीचे है।
व्यक्तिगत स्तर पर न्यूनतम प्रगति : सदस्य स्तर पर चोलापुर (62.19%) और शहरी क्षेत्र (64.60%) में सबसे कम कार्ड बने हैं।
समय-समय पर आयुष्मान योजना की समीक्षा होती है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कोई भी योजना में न छूटे। इस पर और बेहतर तरीके से काम किया जाएगा। - डॉ. एनडी शर्मा, अपर निदेशक, स्वास्थ्य विभाग।
विज्ञापन