नीट फर्जीवाड़ा: 7 दिन तक पुलिस कस्टडी में रहेगा सॉल्वर गैंग का मास्टरमाइंड पीके, पूछताछ में उगलेगा कई राज
नीट में सॉल्वर गैंग के जरिए प्रवेश परीक्षा पास कराने के गिरोह के मास्टमाइंड पीके उर्फ निलेश को पुलिस सात दिन की कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। कोर्ट से पीके की कस्टडी रिमांड मंजूर हो गई है।
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नीट सॉल्वर गैंग का मास्टरमाइंड नीलेश कुमार उर्फ पीके सात दिन तक कमिश्नरेट पुलिस के कस्टडी में रहेगा। शनिवार को कोर्ट से कस्टडी रिमांड मंजूर हो गई। अब सात दिन तक पुलिस पीके से उसके राज उगलवाएगी। पूछताछ के लिए पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने एडीसीपी वरुणा प्रबल प्रताप सिंह और एसीपी सारनाथ ज्ञान प्रकाश राय के नेतृत्व में एक टीम गठित की है।
पटना के पाटलिपुत्र निवासी नीलेश कुमार उर्फ पीके और उसके बहनोई पटना सचिवालय के लिपिक रितेश कुमार को सारनाथ और क्राइम ब्रांच की टीम ने गुरुवार को गिरफ्तार किया था। एक लाख के इनामी पीके को कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए पुलिस ने कोर्ट में आवेदन किया था।
पीके से पूछताछ के लिए सवाल तैयार
पीके से पूछताछ के लिए गठित टीम ने कई सवाल तैयार किए हैं। अब तक कितनी परीक्षाओं में सॉल्वर बैठा चुका है और कितने लोग गैंग में शामिल होकर इस तरह के कृत्य कर रहे हैं। किन-किन शहरों में सॉल्वर और सदस्य रह रहे हैं, पहली बार कौन सी परीक्षा में सॉल्वर बैठाया, जालसाजी से कितनी संपत्ति अर्जित की आदि कई सवाल पीके से पूछे जाएंगे।
पुलिस उसके मोबाइल को भी कब्जे में लेकर जांच करेगी। दो से तीन मोबाइल रखने वाले पीके की चिकित्सक बहन से भी जल्द ही पुलिस पूछताछ कर सकती है। 2019 में एमबीबीएस पास कर छपरा के सारण स्थित पीएचसी में संविदा पर चिकित्सक बहन प्रिया के शैक्षणिक दस्तावेज की भी जांच की जाएगी।
कई सफेदपोश भी जांच के दायरे में
अब तक की पूछताछ में नीलेश कुमार उर्फ पीके और बहनोई रितेश ने कमिश्नरेट पुलिस के समक्ष कई राज उगले हैं। पुलिस के मुताबिक पीके से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस ने गैंग में शामिल और भी लोगों के गिरेहबान तक पहुंचने की कोशिश शुरू कर दी है। प्र
तियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं और कोचिंग के शिक्षकों से पीके जुड़ा है। पटना में रहने वाले एक बड़े नेता का भी नाम पीके ने लिया है, हालांकि पुलिस पुख्ता जानकारी जुटाकर ही अन्य आरोपियों पर हाथ डालने की तैयारी कर रही है। पीके के बहनोई पटना सचिवालय के लिपिक रितेश ने भी कई बड़े अफसरों का नाम लिया है।
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पांच आरोपियों की तलाश में पुलिस
फरार आरोपियों में आशुतोष, दिव्य ज्योति और हामिद रजा शामिल हैं। हालांकि पुलिस अब पीके और रितेश से पूछताछ के आधार पर गैंग में शामिल अन्य पर मुकदमा दर्ज करने वाली है। इसमें पटना और त्रिपुरा के रहने वाले गिरफ्तार किए जा सकते हैं। गुरुवार शाम सारनाथ पुलिस और क्राइम ब्रांच ने रिंग रोड फ्लाईओवर के पास से पीके और उसके बहनोई रितेश को गिरफ्तार किया था।
पीके के आगे-पीछे दौड़ते थे सफेदपोश
अब तक की तफ्तीश में यही सामने आया कि पिछले पांच-छह साल से पीके उर्फ नीलेश कुमार गैंग बनाकर मेडिकल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में साल्वर बैठाकर जालसाजी कर रहा है। 30 से 50 लाख रुपये लेकर प्रति अभ्यर्थी को मेडिकल कालेज में दाखिला दिलाता था।
यही वजह रहा कि उसके आगे पीछे बड़े-बड़े सफेदपोश, दवा कारोबारी, चिकित्सक और शिक्षण संस्थाओं के संचालक दौड़ते रहते थे। खुद को चिकित्सक बताते हुए उसने सभी को यह विश्वास दिलाया था कि मेडिकल कालेज में प्रवेश दिलाना चुटकियों का खेल है। छह साल में पीके ने करोड़ों की दौलत कमाई।