{"_id":"59f97e444f1c1bf2538b9fa6","slug":"ndrf-personnel-help-pregnant-lady-in-running-train","type":"story","status":"publish","title_hn":"चलती ट्रेन में प्रसव पीड़ित महिला के लिए 'देवदूत' बना NDRF का जवान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चलती ट्रेन में प्रसव पीड़ित महिला के लिए 'देवदूत' बना NDRF का जवान
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 01 Nov 2017 01:26 PM IST
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एनडीआरएफ के जवान ने ट्रेन में प्रसव करा कर जच्चा-बच्चा को खतरे से बचाया
- फोटो : twitter
नई दिल्ली से वाराणसी आ रही महामना एक्सप्रेस ट्रेन में अचानक एक महिला को प्रसव पीड़ा होने लगी। वह दर्द के मारे चिखने लगी। बोगी में कोई दूसरी महिला भी नहीं थी, जो उसकी मदद कर सके। ऐसे में ट्रेन में सफर कर रहा एनडीआरएफ के जवान ने उसकी मदद की।
जवान ने दुर्गा के पति राम सिंह को अपना परिचय देते हुए बताया कि वह ऐसी मुश्किल स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित हैं। इसके बाद उन्होंने सुरक्षित प्रसव कराया और जच्चा-बच्चा दोनों को खतरे से बचा लिया। बोगी में मौजूद यात्रियों ने जवान की जमकर तारीफ की।
एनडीआरएफ के जवान प्रमोद कुमार छुट्टियां बिता कर वाराणसी आने के लिए मुरादाबाद रेलवे स्टेशन से महामना एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुए थे। ट्रेन ने रफ्तार पकड़ी ही थी कि जौनपुर आ रही दुर्गा देवी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
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बोगी में कोई दूसरी महिला भी नहीं थी, जिससे उसका पति राम सिंह मदद मांग सकें। दुर्गा का दर्द बढ़ा और स्थिति बेकाबू होने लगी तो प्रमोद मदद के लिए आगे आए। उन्होंने मोबाइल से 11 एनडीआरएफ के डॉ. अमित नंदन त्रिपाठी से बात की और उनके दिशा-निर्देश के अनुसार सुरक्षित प्रसव कराया।
संकट से उबारने के लिए राम सिंह ने जवान का आभार जताया। इसके बाद रेलवे के अधिकारियों को सूचना दी गई। अगले रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने पर दुर्गा को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई गई।
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जवान ने दुर्गा के पति राम सिंह को अपना परिचय देते हुए बताया कि वह ऐसी मुश्किल स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित हैं। इसके बाद उन्होंने सुरक्षित प्रसव कराया और जच्चा-बच्चा दोनों को खतरे से बचा लिया। बोगी में मौजूद यात्रियों ने जवान की जमकर तारीफ की।
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एनडीआरएफ के जवान प्रमोद कुमार छुट्टियां बिता कर वाराणसी आने के लिए मुरादाबाद रेलवे स्टेशन से महामना एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुए थे। ट्रेन ने रफ्तार पकड़ी ही थी कि जौनपुर आ रही दुर्गा देवी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
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बोगी में कोई दूसरी महिला भी नहीं थी, जिससे उसका पति राम सिंह मदद मांग सकें। दुर्गा का दर्द बढ़ा और स्थिति बेकाबू होने लगी तो प्रमोद मदद के लिए आगे आए। उन्होंने मोबाइल से 11 एनडीआरएफ के डॉ. अमित नंदन त्रिपाठी से बात की और उनके दिशा-निर्देश के अनुसार सुरक्षित प्रसव कराया।
संकट से उबारने के लिए राम सिंह ने जवान का आभार जताया। इसके बाद रेलवे के अधिकारियों को सूचना दी गई। अगले रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने पर दुर्गा को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई गई।