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बीएचयू में बवालः राष्ट्रीय महिला आयोग ने की चार घंटे तक पूछताछ, कुलपति होंगे तलब
टीम डिजिटल,वाराणसी
Updated Fri, 06 Oct 2017 02:12 PM IST
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बीएचयू में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य
- फोटो : अमर उजाला
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बीएचयू में छेड़खानी, लाठीचार्ज और बवाल मामले की जांच के लिए पहुंचीं राष्ट्रीय महिला आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष रेखा शर्मा ने गुरुवार को एलडी गेस्ट हाउस में छात्राओं के अलावा विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों से चार घंटे तक पूछताछ की।
छात्राओं और विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने अलग-अलग अपना बयान दर्ज कराया। घटना से जुड़े पहलुओं की विस्तृत जानकारी लेने के बाद अध्यक्ष ने घटनास्थल का मुआयना किया।
पुलिस की रिपोर्ट लाठीचार्ज का जिक्र नहीं होने पर अफसोस जाहिर करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि कुलपति शुक्रवार तक यहां आकर बयान नहीं देते हैं तो उन्हें आयोग में तलब किया जाएगा।
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कैंपस स्थित एलडी गेस्ट हाउस में तीन सदस्यीय टीम के साथ अध्यक्ष रेखा शर्मा ने सुबह 11 बजे जनसुनवाई शुरू की। कई छात्राओं ने इस दौरान घटना के बारे में यहां आकर अपना बयान दर्ज कराया।
छात्राओं का पक्ष जानने के बाद अध्यक्ष ने पूर्व चीफ प्राक्टर प्रो. ओएन सिंह, छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह, महिला महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. संध्या सिंह कौशिक के साथ ही कई संकायाध्यक्षों, त्रिवेणी हॉस्टल, महिला महाविद्यालय स्थित हॉस्टल की वार्डन को तलब कर घटना के बारे में पूछताछ की।
शाम तीन बजे तक चली जनसुनवाई के बाद अध्यक्ष गेस्ट हाउस से निकलकर सबसे पहले भारत कला भवन चौराहा स्थित घटना स्थल पर पहुंचीं। यहां साथ मौजूद चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह से घटना से जुड़े पहलुओं पर जानकारी ली।
इसके बाद त्रिवेणी हॉस्टल, नवीन महिला छात्रावास और महिला महाविद्यालय पहुंचकर उन छात्राओं से बातचीत की, जो गेस्ट हाउस नहीं आ सकी थीं। अध्यक्ष रेखा शर्मा ने बताया कि छेड़खानी पीड़ित छात्रा शुक्रवार को विश्वविद्यालय आएगी। उससे भी बातचीत की जाएगी।
पुलिस रिपोर्ट में लाठीचार्ज का जिक्र नहीं होने के बारे में एसएसपी से वह बात करेंगी।
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छात्राओं और विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने अलग-अलग अपना बयान दर्ज कराया। घटना से जुड़े पहलुओं की विस्तृत जानकारी लेने के बाद अध्यक्ष ने घटनास्थल का मुआयना किया।
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पुलिस की रिपोर्ट लाठीचार्ज का जिक्र नहीं होने पर अफसोस जाहिर करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि कुलपति शुक्रवार तक यहां आकर बयान नहीं देते हैं तो उन्हें आयोग में तलब किया जाएगा।
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कैंपस स्थित एलडी गेस्ट हाउस में तीन सदस्यीय टीम के साथ अध्यक्ष रेखा शर्मा ने सुबह 11 बजे जनसुनवाई शुरू की। कई छात्राओं ने इस दौरान घटना के बारे में यहां आकर अपना बयान दर्ज कराया।
छात्राओं का पक्ष जानने के बाद अध्यक्ष ने पूर्व चीफ प्राक्टर प्रो. ओएन सिंह, छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह, महिला महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. संध्या सिंह कौशिक के साथ ही कई संकायाध्यक्षों, त्रिवेणी हॉस्टल, महिला महाविद्यालय स्थित हॉस्टल की वार्डन को तलब कर घटना के बारे में पूछताछ की।
शाम तीन बजे तक चली जनसुनवाई के बाद अध्यक्ष गेस्ट हाउस से निकलकर सबसे पहले भारत कला भवन चौराहा स्थित घटना स्थल पर पहुंचीं। यहां साथ मौजूद चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह से घटना से जुड़े पहलुओं पर जानकारी ली।
इसके बाद त्रिवेणी हॉस्टल, नवीन महिला छात्रावास और महिला महाविद्यालय पहुंचकर उन छात्राओं से बातचीत की, जो गेस्ट हाउस नहीं आ सकी थीं। अध्यक्ष रेखा शर्मा ने बताया कि छेड़खानी पीड़ित छात्रा शुक्रवार को विश्वविद्यालय आएगी। उससे भी बातचीत की जाएगी।
पुलिस रिपोर्ट में लाठीचार्ज का जिक्र नहीं होने के बारे में एसएसपी से वह बात करेंगी।
पिछले दरवाजे से पहुंचे कुलसचिव, सुरक्षा सलाहकार
कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी और सुरक्षा सलाहकार एनके सेठ
- फोटो : अमर उजाला
आयोग की अध्यक्ष के सामने कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी और सुरक्षा सलाहकार एनके सेठ ने विश्वविद्यालय का पक्ष रखा। गेस्ट हाउस के मुख्य दरवाजे पर गाड़ी से उतरने के बाद दोनों अधिकारी कुछ कदम आगे बढ़ने के बाद वापस लौट आए और फिर करीब आधे घंटे बाद दोनों पिछले दरवाजे से गेस्टहाउस के अंदर पहुंचे, जहां अध्यक्ष सुनवाई कर रही थीं।
एलडी गेस्ट हाउस से अध्यक्ष रेखा शर्मा त्रिवेणी जब घटनास्थल और फिर हॉस्टल गईं तब चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह उनके साथ मौजूद रहीं। चीफ प्राक्टर के लगातार उनके साथ बने रहने पर कुछ छात्राओं ने सवाल भी उठाए।
उनका कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों को आयोग की अध्यक्ष के साथ नहीं होना चाहिए। उनकी मौजूदगी में भला कोई छात्रा अपनी बात खुलकर कैसे रख पाएगी।
अध्यक्ष चीफ प्राक्टर की गाड़ी से ही नवीन महिला छात्रावास, महिला महाविद्यालय तक र्गइं। कैंपस में भी इसको लेकर चर्चाएं होती रहीं।
एलडी गेस्ट हाउस से अध्यक्ष रेखा शर्मा त्रिवेणी जब घटनास्थल और फिर हॉस्टल गईं तब चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह उनके साथ मौजूद रहीं। चीफ प्राक्टर के लगातार उनके साथ बने रहने पर कुछ छात्राओं ने सवाल भी उठाए।
उनका कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों को आयोग की अध्यक्ष के साथ नहीं होना चाहिए। उनकी मौजूदगी में भला कोई छात्रा अपनी बात खुलकर कैसे रख पाएगी।
अध्यक्ष चीफ प्राक्टर की गाड़ी से ही नवीन महिला छात्रावास, महिला महाविद्यालय तक र्गइं। कैंपस में भी इसको लेकर चर्चाएं होती रहीं।
घटना बीएफए की छात्रा के साथ, लेकिन पहुंचीं मेडिकल की छात्राएं
मेडिकल की बीस से अधिक छात्राएं दोपहर बारह बजे पहुंचीं
- फोटो : अमर उजाला
एलडी गेस्ट हाउस में आयोग की अध्यक्ष के सामने मेडिकल की बीस से अधिक छात्राएं दोपहर बारह बजे पहुंचीं और घटना के बारे में बातचीत की। इस पर बाहर चर्चा होती रही कि घटना बीएफए की छात्रा के साथ हुई और धरने के दौरान मेडिकल की कोई छात्रा भी नहीं थी तो आयोग की अध्यक्ष के सामने आखिर इन्हें क्यों लाया गया।
हालांकि बाहर निकलने पर मेडिकल छात्राओं ने भी कुछ बताने से इंकार कर दिया। आयोग की अध्यक्ष का कहना था कि मेडिकल की छात्राओं का मामला दूसरा था, जिसके लिए वह यहां तक आई थीं।
गेस्ट हाउस पहुंची शिक्षकों के बीच नोकझोंक
आयोग की जनसुनवाई में गेस्ट हाउस पहुंचीं कुछ महिला शिक्षकों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। वे सुनवाई कक्ष के बाहर बैठी हुई थीं। सूत्रों की मानें तो कुछ विश्वविद्यालय प्रशासन के पक्ष में बातचीत कर रही थीं तो कुछ घटना की वास्तविक जानकारी देने की बात कर रही थीं।
इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक होने लगी। मामला बढ़ता देख वहां मौजूद लंका एसओ संजीव मिश्र ने बीचबचाव कर उन्हें शांत कराया।
हालांकि बाहर निकलने पर मेडिकल छात्राओं ने भी कुछ बताने से इंकार कर दिया। आयोग की अध्यक्ष का कहना था कि मेडिकल की छात्राओं का मामला दूसरा था, जिसके लिए वह यहां तक आई थीं।
गेस्ट हाउस पहुंची शिक्षकों के बीच नोकझोंक
आयोग की जनसुनवाई में गेस्ट हाउस पहुंचीं कुछ महिला शिक्षकों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। वे सुनवाई कक्ष के बाहर बैठी हुई थीं। सूत्रों की मानें तो कुछ विश्वविद्यालय प्रशासन के पक्ष में बातचीत कर रही थीं तो कुछ घटना की वास्तविक जानकारी देने की बात कर रही थीं।
इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक होने लगी। मामला बढ़ता देख वहां मौजूद लंका एसओ संजीव मिश्र ने बीचबचाव कर उन्हें शांत कराया।