फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Navratri 2023 Durga Puja pandals are keeping pace with Digital India glow will increase in Varanasi from today

Navratri 2023: डिजिटल इंडिया के साथ कदमताल कर रहे दुर्गा पूजा पंडाल, बनारस में आज से बढ़ेगी नवरात्र की रौनक

Fri, 20 Oct 2023 01:45 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 20 Oct 2023 01:45 PM IST
सार

मिनी बंगाल के रूप में मशहूर बनारस में दुर्गा पूजा के उत्सव का रंग अब धीरे-धीरे चटख होने लगा है। शहर के पंडालों ने चंदा और दान के लिए डिजिटल पेमेंट पर जोर दिया है। क्यूआर कोड, यूपीआई के साथ ही ऑनलाइन खाते में चंदे की राशि ली जा रही है।

विज्ञापन
Navratri 2023 Durga Puja pandals are keeping pace with Digital India glow will increase in Varanasi from today
वाराणसी में केदारनाथ मंदिर की तर्ज पर बना पंडाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दुर्गा पूजा की परंपरा तो अनवरत चली आ रही है लेकिन आयोजनों के स्वरूप में समय के साथ बदलाव नजर आ रहा है। डिजिटल इंडिया के दौर में दुर्गा पूजा के पंडाल भी कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। वाराणसी शहर के पंडालों ने चंदा और दान के लिए डिजिटल पेमेंट पर जोर दिया है। क्यूआर कोड, यूपीआई के साथ ही ऑनलाइन खाते में चंदे की राशि ली जा रही है।

विज्ञापन


मिनी बंगाल के रूप में मशहूर बनारस में दुर्गा पूजा के उत्सव का रंग अब धीरे-धीरे चटख होने लगा है। षष्ठी तिथि पर मूर्तियों की स्थापना के साथ ही तीन दिवसीय नवरात्र उत्सव की शुरुआत पंडालों में हो जाएगी। दुर्गा पूजा के आयोजन में डिजिटल इंडिया का असर साफ नजर आ रहा है। पूजा कमेटियां चंदा इकट्ठा करने के लिए क्यूआर कोड का इस्तेमाल कर रही हैं।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन

चंदे की रसीद बुक पर  क्यूआर कोड

कई कमेटियों ने चंदे की रसीद बुक पर अपनी कमेटी का क्यूआर कोड लगा दिया है। तो कई ने पूजा पंडाल के पास बैनर बनाकर क्यूआर कोड लगा दिया है, ताकि लोग आसानी से चंदा ऑनलाइन दे सकें। पूजा कमेटियों का मानना है कि इस सुविधा का इस्तेमाल होने से कई ऐसे श्रद्धालु हैं, जिनके पास जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। उनके व्हाट्सएप पर रसीद का फोटो, क्यूआर कोड भेजने पर वह सहयोग राशि ऑनलाइन भेज दे रहे हैं।

बकाया लेने के लिए अब नहीं लगाना पड़ता घरों का चक्कर

वरुणा पार पूजा कमेटी के अरविंद ने बताया कि कई बार चंदे की रसीद देने के बाद घरवाले खुदरा नहीं होने या रुपये नहीं होने के कारण बाद में आने को कहते हैं। लेकिन, यूपीआई और ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा होने के कारण लोगों की आधी परेशानी समाप्त हो गई है। इसे अलावा चंदा देने वाले का डिजिटल डाटा भी तैयार हो जाता है। जिसे मिलान करने में काफी सहूलियत होती है।

डिजिटल लेनदेन के लिए मोबाइल यूपीआई और क्यूआर कोड पूजा पंडाल में लगाया जाएगा। इसकी तैयारी पूरी हो गई। नवरात्र की षष्ठी पर माता के विराजमान होने के साथ ही क्यूआर कोड भी लग जाएगा। - संजय श्रीवास्तव, संरक्षक, न्यू लाइट क्लब अर्दली बाजार
इस बार चंदा व रसीद के लिए 90 फीसदी से अधिक डिजिटल लेनदेन किया जा रहा है। इससे सहूलियत होने के साथ ही समय की भी बचत हो रही है। श्रद्धालुओं को भी दान करने में कोई दिक्कत नहीं होती है। - नीलाद्री भट्टाचार्य, संयुक्त सचिव, ईगल क्लब

दुर्गा पूजा के चंदे का डिजिटल और खाते में लेनदेन किया जा रहा है। डिजिटल होने से चंदा लेने में आसानी हो रही है और देने वालों को भी काफी सहूलियत हो गई है। - सूरज जायसवाल, कार्यवाहक अध्यक्ष, सनातन धर्म दुर्गोत्सव समिति

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed